Heritage Foods Shares: आंध्र प्रदेश के चुनाव में चंद्रबाबू नायडू (Chandrababu Naidu) की पार्टी तेलगु देशम पार्टी (TDP) को मिली भारी जीत ने हेरिटेज फूड्स लिमिटेड के निवेशकों की किस्मत बदल दी है। बस पिछले 12 कारोबारी दिन में इसके शेयर में 100% यानी दोगुना से अधिक का उछाल आ चुका है। आज 10 जून को भी हेरिटेज फूड्स के शेयरों में 10% की तेजी आई और इसके अपनी अपर सर्किट सीमा को छू लिया। इसके साथ ही इसका भाव 727.9 रुपये पर पहुंच गया, जो 23 मई को बंद हुए 354.5 रुपये के भाव से दोगुना है। 29 मई से अब तक आठ कारोबारी दिन में शेयर में 95% की तेजी आई है।
दरअसल हेरिटेज फूड्स कंपनी का मालिकाना हक चंद्रबाबू नायडू के परिवार के पास है। ऐसे में जब एग्जिट पोल के रुझानों में चंद्रबाबू नायडू के आंध्र प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री के तौर पर वापसी का अनुमान जताया गया, तो इसके शेयरों में उछाल आया। इस तेजी को और सपोर्ट तब मिला, जब केंद्र की एनडीए सरकार में भी चंद्रबाबू नायडू किंगमेकर बनकर उभरे।
चंद्रबाबू नायडू की पार्टी टीडीपी के पास 16 सांसद है। वहीं आंध्र प्रदेश में टीडीपी ने पवन कल्याण की जन सेना पार्टी और BJP के साथ गठबंधन करके 175 सदस्यों वाली विधानसभा में 164 सीट जीता है। नायडू के मुख्यमंत्री के रूप में वापस आने के साथ ही आंध्र प्रदेश से जुड़ी अधिकतर कंपनियों के शेयरों में उछाल आया है। हेरिटेज फूड्स के शेयर अब रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार कर रहे हैं।
मार्च तिमाही तक के आंकड़ों के मुताबिक, चंद्रबाबू नायडू की पत्नी भुवनेश्वरी नारा और बेटे नारा लोकेश के पास हेरिटेज फूड्स में क्रमशः 24.37% और 10.82% हिस्सेदारी है। 23 मई को शेयर बाजार बंद होने तक, कंपनी में उनकी हिस्सेदारी की कुल वैल्यू करीब ₹1,100 करोड़ थी। हालांकि उसके बाद आई तेजी के साथ उनकी हिस्सेदारी की कुल वैल्यू अब ₹2,300 करोड़ से अधिक हो गई है।
इस तेजी के साथ ही हेरिटेज फूड्स 2024 में अबतक लगभग 140% रिटर्न दे चुका है। यह 2012 के बाद से स्टॉक के लिए सबसे अच्छा साल है। 2012 में इसने एक साल में 230% का रिटर्न दिया था। हेरिटेज फूड्स के शेयर नवंबर 1996 में सूचीबद्ध हुए थे।
चंद्रबाबू नायडू के CM रहते हेरिटेज फूड्स का प्रदर्शन
चंद्रबाबू नायडू इससे पहले 1995-2004 और 2014 से 2019 के बीच आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं। 1999 से 2004 के बीच, हेरिटेज फूड्स के शेयरों में 314% की तेजी आई, 2000 में 62% की गिरावट आई, 2001 में 7% की बढ़ोतरी हुई और साल 2002 (117%) और 2003 (172%) में इसने मल्टीबैगर रिटर्न दिया। 2014 से 2019 के बीच, शेयरों में क्रमशः 85%, 52%, 54% और 87% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि 2018 में 36% और 2019 में 31% की गिरावट आई।