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HGS IPO Listing: ₹57600 का मुनाफा हर लॉट में, लिस्ट होते ही ₹120 का शेयर अपर सर्किट पर

HGS IPO Listing: जमीन के भीतर की चीजों का पता लगाने वाली इक्विपमेंट्स बनाने वाली एचजीएस के आईपीओ को 248 गुना से अधिक बोली मिली थी। अब इसके शेयर लिस्ट हुए हैं। इसके आईपीओ के तहत नए शेयर जारी हुए हैं और ऑफर फॉर सेल के तहत भी शेयरों की बिक्री हुई है। नई खरीदारी से पहले चेक करें कंपनी की कारोबारी सेहत कैसी है और आईपीओ के जरिए जुटाए गए पैसों का इस्तेमाल कंपनी कैसे करेगी

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Nov 06, 2026 पर 10:21 AM
HGS IPO Listing: ₹57600 का मुनाफा हर लॉट में, लिस्ट होते ही ₹120 का शेयर अपर सर्किट पर
HGS IPO Listing: एचजीएस का ₹34.56 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक खुला था। आज इसके शेयरों की लिस्टिंग हुई है।

HGS IPO Listing: आईपीओ को 248 गुना से अधिक बोली मिलने के बाद एचजीएस (इंडिया) के शेयरों की आज NSE SME पर धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ के तहत ₹120 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज NSE SME पर इसकी ₹160.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 33.33% का लिस्टिंग गेन (HGS Listing Gain) मिला। लिस्टिंग के बाद शेयर और ऊपर चढ़े। उछलकर यह ₹168.00 (HGS Share Price) के अपर सर्किट पर पहुंच गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 40% मुनाफे में हैं। चूंकि लॉट साइज 1200 शेयरों का था तो हर लॉट पर आईपीओ निवेशक ₹57600 मुनाफे में हैं।

HGS IPO के पैसे कैसे होंगे खर्च

एचजीएस का ₹34.56 करोड़ का आईपीओ सब्सक्रिप्शन के लिए 30 अक्टूबर से 3 नवंबर तक खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों का शानदार रिस्पांस मिला था और ओवरऑल यह 248.58 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 137.92 गुना (एक्स-एंकर), नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 424.67 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 235.72 गुना भरा था।

इस आईपीओ के तहत ₹28.17 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹10 की फेस वैल्यू वाले 5.54 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिके हैं। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹15.05 करोड़ मौजूदा मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी में प्लांट और मशीनरी के रिप्लेसमेंट, ₹1.05 करोड़ इन-हाउस गोल्ड प्लेटिंग फैसिलिटी लगाने, ₹3.26 करोड़ इंफ्रास्ट्रक्चरल डेवलपमेंट, ₹5.88 करोड़ अधिग्रहण और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों और ₹3.31 करोड़ आईपीओ से जुड़े एक्सपेंसेज पर खर्च होंगे।

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