Highway Infrastructure Share Price: इंफ्रास्ट्रक्चर इंडस्ट्रीज हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर (Highway Infrastructure) के शेयर गुरुवार 1 अक्टूबर को गिरते बाजार में भी जोरदार छलांग लगाते नजर आए। शेयर इंट्रा-डे में NSE पर लगभग 9% बढ़कर 46.80 रुपये के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए। शेयर में यह तेजी कंपनी को UP अथॉरिटी और NHAI से टोल ऑपरेशन का 254 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिलने के बाद आई।
एक्सचेंज को दी गई पहली जानकारी के अनुसार, कंपनी को उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे के लिए लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस (LOA) मिला है। यह ऑर्डर 220.66 करोड़ रुपये का है और इसमें यूज़र फीस वसूलने, टोल प्लाज़ा चलाने और 4 पेट्रोल-कम-सेफ्टी वाहन तैनात करने (ज़रूरी कर्मचारियों के साथ) का काम शामिल है।
इस ऑर्डर या कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने की अवधि 2 साल है। ऑर्डर की कुल लागत में पहले साल के लिए 105.77 करोड़ रुपये और दूसरे साल के लिए हर साल 10% की बढ़ोतरी शामिल है।
एक्सचेंज को दी गई एक और जानकारी के अनुसार, कंपनी को नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ़ इंडिया (NHAI) से तमिलनाडु राज्य में वेलानचेत्तियुर फ़ी प्लाज़ा के ऑपरेशन के लिए 24.45 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ़ एक्सेप्टेंस (LOA) मिला है।
यह ऑर्डर तमिलनाडु राज्य में NHDP फ़ेज़ II (TN-04) के तहत NH-7 के करूर से डिंडीगुल सेक्शन (Km 292.600 से 373.725, असल में साइट पर 290+000 से Km: 367+725) पर 4-लेन डिवाइडेड कैरिजवे सुविधा के लिए Km 332+000 पर स्थित वेलानचेत्तियुर फ़ी प्लाज़ा पर ई-टेंडर के ज़रिए ई-कोटेशन के आधार पर यूज़र फ़ी कलेक्शन एजेंसी को नियुक्त करने के लिए है।
इस ऑर्डर के तहत, कंपनी आस-पास के टॉयलेट ब्लॉक की देखरेख/रखरखाव करेगी, जिसमें इस्तेमाल होने वाली चीजों (कंज्यूमेबल आइटम) की भरपाई करना भी शामिल है। इस ऑर्डर या कॉन्ट्रैक्ट को पूरा करने की अवधि 90 दिन है। कंपनी ने आगे कहा कि दोनों कॉन्ट्रैक्ट में, ऑर्डर या कॉन्ट्रैक्ट देने वाली कंपनी में किसी भी प्रमोटर या प्रमोटर ग्रुप की कंपनियों का कोई हित नहीं है और ये ऑर्डर या कॉन्ट्रैक्ट 'रिलेटेड पार्टी ट्रांज़ैक्शन' (आपसी लेन-देन) के दायरे में नहीं आते हैं।
पिछले हफ़्ते, कंपनी ने उत्तर प्रदेश एक्सप्रेसवेज़ इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (UPEIDA) से गोरखपुर लिंक एक्सप्रेसवे पर टोल कलेक्शन और उससे जुड़े कामों के लिए 220.66 करोड़ रुपये का टोल ऑपरेशन कॉन्ट्रैक्ट मिलने की घोषणा की थी।
पहले साल के लिए भुगतान की जाने वाली राशि 105.08 करोड़ रुपये है, और दूसरे साल में इसमें 10% की बढ़ोतरी होगी। इस कॉन्ट्रैक्ट से HIL का टोलवे कलेक्शन पोर्टफोलियो मज़बूत हुआ है और भारत के बढ़ते एक्सप्रेसवे नेटवर्क में इसकी मौजूदगी बढ़ी है।
इस कॉन्ट्रैक्ट में यूज़र फ़ीस वसूलना और टोल प्लाज़ा का संचालन शामिल है, साथ ही ज़रूरी कर्मचारियों के साथ चार पेट्रोल-कम-सेफ़्टी वाहन तैनात करना भी शामिल है। यह कॉन्ट्रैक्ट शुरुआती दो साल के लिए दिया गया है, जिसमें UPEIDA की मर्ज़ी से इसे छह महीने तक बढ़ाने का प्रावधान है।
पिछले एक महीने में हाईवे इंफ्रास्ट्रक्चर के शेयरों में 4.82% की बढ़त हुई है। मौजूदा कैलेंडर ईयर में अब तक स्टॉक 19.76% नीचे रहा है और पिछले एक साल में इसमें लगभग 42.21% की गिरावट आई है।
(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।