Hindustan Copper OFS: हिंदुस्तान कॉपर के शेयरों में 25 अगस्त को बड़ी गिरावट आई। बाजार खुलते ही शेयर क्रैश कर गया। कंपनी का ऑफर ऑफ सेल (ओएफएस) खुल गया है। कंपनी 10 फीसदी डिस्काउंट पर शेयर खरीदने का मौका दे रही है। कंपनी ने ओएफएस के लिए 514 रुपये का फ्लोर प्राइस तय किया है। यह 24 अगस्त को शेयर के बंद भाव से 10 फीसदी कम है।
एक साल में 126 फीसदी चढ़ा है हिंदुस्तान कॉपर का शेयर
Hindustan Copper सरकार की कंपनी है। 25 अगस्त को बाजार खु्लते ही शेयर में बड़ी गिरावट दिखी। 11 बजे शेयर का भाव 6.82 फीसदी गिरकर 535.05 रुपये पर चल रहा था। इस साल यानी 2026 में हिंदुस्तान कॉपर का शेयर 126 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है। रिटेल इनवेस्टर्स के लिए हिंदुस्तान कॉपर का ऑफर फॉर सेल (OFS) 26 अगस्त को खुलेगा।
सरकार बेच रही कंपनी में OFS के जरिए 3 फीसदी हिस्सेदारी
सरकार ओएफएस के जरिए Hindustan Copper में 3 फीसदी हिस्सेदारी बेच रही है। सरकार ने 3 फीसदी ग्रीन शू ऑप्शन का विकल्प रखा है। अगर ओएफएस को इनवेस्टर्स का ज्यादा रिस्पॉन्स मिलता है तो सरकार ग्रीन शू ऑप्शन का इस्तेमाल कर सकती है। इस बारे में डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट किया है।
ओएफएस में 3 फीसदी का ग्रीन शू ऑप्शन भी शामिल
DIPAM सेक्रेटरी ने 24 अगस्त को एक्स पर एक पोस्ट में कहा, "भारत सरकार ओएफएस के तहत हिंदुस्तान जिंक के 3 फीसदी शेयर बेच रही है। ओवरसब्सक्रिप्शन की स्थिति में ग्रीन शू ऑप्शन के तहत अतिरिक्त 3 फीसदी शेयर बेचने का विकल्प है। ओएफएस 514 रुपये के फ्लोर प्राइस पर ओपन हुआ है।"
रिटेल इनवेस्टर्स के लिए 26 अगस्त को खुलेगा यह OFS
इस ओएफएस का 20 फीसदी हिस्सा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए रिजर्व रखा गया है। इसके अलावा 25,000 शेयर कंपनी के एंप्लॉयीज के लिए रिजर्व हैं। 24 अगस्त को कंपनी का शेयर 574.15 रुपये पर बंद हुआ था। इस शेयर का प्रदर्शन बीते एक साल में शानदार रहा है। इस दौरान बाजार के प्रमुख सूचकांकों Nifty और Sensex का रिटर्न निगेटिव रहा है।
25 अगस्त को बाजार के प्रमुख सूचकांकों पर दबाव
25 अगस्त को शेयर बाजारों पर दबाव दिखा। सुबह में बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स मजबूत खुले। 11:15 बजे निफ्टी 0.31 फीसदी यानी 71 अंक गिरकर 24,147 पर चल रहा था। सेंसेक्स 0.20 फीसदी यानी 157 अंक गिरकर 77,218 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी गिरावट देखने को मिली। बाजार पर दबाव की वजह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का ईरान के खिलाफ सख्त आर्थिक प्रतिबंध का एलान माना जा रहा है।
डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।