Hindustan Zinc Share Price: वेदांता ग्रुप की कंपनी हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में 21 अक्टूबर को तेजी देखने को मिली। स्टॉक आज 4 फीसदी की तेजी आई और यह NSE पर ₹559.85 के इंट्राडे हाई (दिन के उच्चतम स्तर) तक पहुंच गया। शेयर में यह तेजी कंपनी के मजबूत तिमाही नतीजों के बाद आई। बता दें नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर यह शेयर ₹538.40 के पिछले बंद भाव के मुकाबले ₹559.85 पर खुला। यह शेयर NSE पर सबसे ज्यादा ट्रेड किए जाने वाले शेयरों में भी शामिल रहा। शुरुआती 20 मिनटों में कुल कारोबार का मूल्य ₹187.25 करोड़ रहा।
हिंदुस्तान जिंक ने सोमवार को वित्त वर्ष 2027 (FY27) की दूसरी तिमाही के लिए ₹6,412 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया। यह पिछले साल की इसी तिमाही के ₹2,649 करोड़ के मुकाबले 142% की सालाना (YoY) वृद्धि है। बुधवार सुबह NSE पर कंपनी के शेयर उछलकर ₹560 प्रति शेयर तक पहुंच गए।
मेटल बनाने वाली इस कंपनी का ऑपरेशंस से रेवेन्यू, वित्त वर्ष 2027 की जुलाई-सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 76.5% बढ़कर ₹15,093 करोड़ हो गया, जबकि पिछले साल की इसी अवधि में यह ₹8,549 करोड़ था। इस ग्रोथ के पीछे मुख्य कारण धातुओं की ऊंची कीमतें, उत्पादन की मात्रा में बढ़ोतरी, बाय-प्रोडक्ट्स से बेहतर कमाई और अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना रहा। वहीं, इस तिमाही के दौरान कंपनी का कुल खर्च सालाना आधार पर लगभग 31.5% बढ़कर ₹6,895 करोड़ हो गया।
स्टॉक पर क्या है ब्रोकरेज की राय
तिमाही नतीजों के बाद, जेफरीज ने हिंदुस्तान ज़िंक के शेयरों पर अपनी Buy रेटिंग बरकरार रखी है, लेकिन इसके टारगेट प्राइस को ₹750 से घटाकर ₹650 कर दिया है। विश्लेषकों का कहना है कि जहां सप्लाई में रुकावटों की वजह से ज़िंक की कीमतों को फायदा मिल रहा है, वहीं चांदी की कीमतों में जून 2026 से उतार-चढ़ाव बना हुआ है। इसके अलावा, बढ़ती ब्याज दरें भी निकट भविष्य में दबाव डाल सकती हैं।
जेफरीज ने FY27E के लिए EPS (प्रति शेयर आय) का अनुमान 5 प्रतिशत बढ़ा दिया है, लेकिन चांदी की कम कीमतों को देखते हुए FY28-29E के लिए EPS का अनुमान 4 प्रतिशत घटा दिया है। उनका कहना है कि हिंदुस्तान ज़िंक के शेयर अपने लॉन्ग-टर्म एवरेज EV/EBITDA से नीचे ट्रेड कर रहे हैं, और स्टॉक के बेहतर प्रदर्शन के लिए चांदी की कीमतों में सुधार होना बहुत ज़रूरी है।
इस बीच, मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज (MOFSL) ने हिंदुस्तान ज़िंक पर अपनी 'न्यूट्रल' रेटिंग को बरकरार रखा है और इसका टारगेट प्राइस ₹600 तय किया है।
MOFSL ने बताया कि हिंदुस्तान ज़िंक का फोकस लगातार अपना प्रोडक्शन बढ़ाने, ऑपरेशनल एफिशिएंसी (कार्यक्षमता) में सुधार करने और लागत पर सख्त नियंत्रण रखने पर है, जिससे कंपनी के मार्जिन को बनाए रखने में मदद मिलेगी। हाल ही में घोषित विस्तार योजनाएं कंपनी के उस लॉन्ग-टर्म लक्ष्य के अनुरूप हैं, जिसमें वे अपनी मौजूदा क्षमता को दोगुना करना चाहते हैं और भविष्य की कमाई की संभावनाओं को बेहतर बनाना चाहते हैं।
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