वेदांता ग्रुप (Vedanta Group) की कंपनी हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) ने इस वित्त वर्ष 2022-23 में चौथी बार अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। हिंदुस्तान जिंक ने 21 मार्च को एक्सचेंज फाइलिंग में जानकारी दी कि कंपनी के बोर्ड ने प्रति शेयर 26 रुपये के डिविडेंड को मंजूरी दे दी है। यह 10985.83 करोड़ रुपये का अंतरिम डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को देगी और इसके लिए रिकॉर्ड डेट 29 मार्च फिक्स किया गया है। इस ऐलान का शेयरों पर आज पॉजिटिव असर दिख रहा है। इंट्रा-डे में यह करीब 5 फीसदी उछलकर 325.25 रुपये (Hindustan Zinc Share Price) पर पहुंच गया। हालांकि ब्रोकरेज फर्म सिटी (Citi) ने इसी डिविडेंड के चलते हिंदुस्तान जिंक को सेल रेटिंग दी है।
Hindustan Zinc को ब्रोकरेज ने क्यों दी सेल रेटिंग
ब्रोकरेज फर्म सिटी के मुताबिक हिंदुस्तान जिंक शेयरहोल्डर्स को हर शेयर पर 26 रुपये का डिविडेंड देगी यानी 10990 रुपये खर्च होंगे। चालू वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी चौथी बार यह डिविडेंड देने जा रही है। चार बार में प्रति शेयर 75.5 रुपये के डिविडेंड के हिसाब से कंपनी से 390 करोड़ डॉलर बाहर निकल जाएंगे। सिटी के मुताबिक चौथी बार के डिविडेंड के बाद कंपनी नेट कैश से नेट डेट की स्थिति में आ जाएगी।
अभी इसके शेयर एक साल के अनुमानित EBITDA के मुकाबले एंटरप्राइज वैल्यू से 6.7 गुना भाव (6.7x 1-year forward EV/EBITDA) पर ट्रेड हो रहा है जबकि वित्त वर्ष 2016 से यह औसत 6.5 है यानी हिंदुस्तान जिंक का शेयर महंगा है। ऐसे में सिटी ने इसे सेल रेटिंग दी है और टारगेट प्राइस 260 रुपये पर फिक्स किया है जो मौजूदा लेवल से 20 फीसदी डाउन है।
FY2023 में डिविडेंड से 75.5 रुपये की कमाई
हिंदुस्तान जिंक के शेयर चालू वित्त वर्ष 2022-23 में करीब 29 फीसदी फिसले हैं, लेकिन अंतरिम डिविडेंड (Hindustan Zinc Dividend) से इसकी कुछ हद तक भरपाई हुई है। चालू वित्त वर्ष में पहली बार 20 जुलाई 2022 को कंपनी ने 21 रुपये प्रति शेयर, फिर 11 नवंबर 2022 को 15.50 रुपये, फिर 16 जनवरी 2023 को 13 रुपये और अब 16 मार्च 2023 को 26 रुपये प्रति शेयर डिविडेंड देने का ऐलान किया है। इस बार कंपनी ने 2 रुपये की फेस वैल्यू वाले शेयरों पर 1300 फीसदी याी 26 रुपये के डिविडेंड का ऐलान किया है। इसके क्रेडिट होने के बाद पूरे वित्त वर्ष में शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड से 75.50 रुपये की कमाई हो जाएगी।
कैसी है कंपनी की वित्तीय सेहत
दिसंबर 2022 तिमाही में हिंदुस्तान जिंक का कंसालिडेटेड नेट प्रॉफिट 20.17 फीसदी गिरकर 2,156 करोड़ रुपये और ऑपरेशनल रेवेन्यू 2.71 फीसदी फिसलकर 7,628 करोड़ रुपये रह गया। हाल ही में कंपनी लगातार चर्चा में बनी रही जब तक यह वेदांता ग्रुप की दो कंपनियों को 300 करोड़ डॉलर की कैश से खरीदारी की योजना को रद्द नहीं करती है, सरकार इसमें अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजना को स्थगित कर सकती है। हिंदुस्तान जिंक में सरकार सबसे बड़ी माइनॉरिटी शेयरहोल्डर है। इसके पास हिंदुस्तान जिंक की 29.54 फीसदी हिस्सेदारी है जबकि वेदांता के पास 64.9 फीसदी।
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