हिंदुस्तान जिंक के शेयरों में 5 जून को दिन में 6.5% तक की गिरावट दिखी। BSE पर शेयर 564.05 रुपये के लो तक गया। बाद में 6 प्रतिशत गिरावट के साथ 567 रुपये पर सेटल हुआ। दरअसल ब्लूमबर्ग ने सूत्रों के हवाले से ऐसी खबर दी है कि भारत सरकार, हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड में 2% तक हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। इस सौदे से ₹5000 करोड़ (52.5 करोड़ डॉलर) तक जुटाए जा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) का लक्ष्य जून महीने या जुलाई में यह प्रक्रिया शुरू करने का है।
ICICI सिक्योरिटीज लिमिटेड, एक्सिस कैपिटल लिमिटेड, IIFL कैपिटल सर्विसेज लिमिटेड और HDFC सिक्योरिटीज लिमिटेड इस सौदे के लिए सरकार को सलाह दे रहे हैं। बातचीत चल रही है और ऑफर की डिटेल्स, जैसे कि इसकी टाइमिंग और साइज, बदल भी सकते हैं।
इससे पहले HZL में सरकार ने नवंबर 2024 में कम की थी हिस्सेदारी
सरकार ने नवंबर 2024 में हिंदुस्तान जिंक में करीब 1.6% हिस्सेदारी बेची थी और ₹3449 करोड़ जुटाए थे। यह बिक्री ऑफर-फॉर-सेल (OFS) के जरिए की गई थी और शेयरों की कीमत ₹505 प्रति शेयर तय की गई थी। 31 मार्च 2026 तक कंपनी में वेदांता लिमिटेड के पास 60.71% हिस्सेदारी थी। वहीं सरकार की हिस्सेदारी 27.92% थी।
शेयर 6 महीनों में 14 प्रतिशत मजबूत
हिंदुस्तान जिंक का मार्केट कैप कम होकर 2.39 लाख करोड़ रुपये पर आ गया है। शेयर की फेस वैल्यू 2 रुपये है। यह BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 6 महीनों में 14 प्रतिशत चढ़ा है। 3 साल का रिटर्न लगभग 85 प्रतिशत है। कंपनी का जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 13,488 करोड़ रुपये रहा। इस बीच शुद्ध मुनाफा 4,997 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान स्टैंडअलोन बेसिस पर रेवेन्यू 40,658 करोड़ रुपये और शुद्ध मुनाफा 13,712 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
सरकार ने सरकारी संपत्तियों में हिस्सेदारी बेचकर रेवेन्यू बढ़ाने की कोशिशें तेज की हैं। पिछले हफ्ते सरकार कोल इंडिया लिमिटेड में 2% हिस्सेदारी बेचने के लिए 5000 करोड़ रुपये का OFS लाई थी। इस हफ्ते की शुरुआत में NHPC लिमिटेड में 6% हिस्सेदारी बेचकर करीब 4300 करोड़ रुपये जुटाए। ब्लूमबर्ग को सूत्रों से यह भी पता चला है कि सरकार भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) में भी 2% हिस्सेदारी बेचने की योजना बना रही है। इस बिक्री से ₹10,000 करोड़ तक जुटाए जा सकते हैं।
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