Mamaearth Shares: दुबई के फैसले का झटका भारत में, 4% से अधिक टूट गए होनासा कंज्यूमर की पैरेंट कंपनी के शेयर

Mamaearth Shares: मामाअर्थ की पैरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर के शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव रहा। यूएई में इसकी संपत्तियों की जब्ती के अपने पूर्व फैसले में कोई बदलाव नहीं किया तो इसका झटका घरेलू मार्केट में शेयरों पर दिखा। इस झटके से शेयर करीब 5 फीसदी टूट गए और दिन के आखिरी तक संभल नहीं पाए

अपडेटेड Oct 04, 2024 पर 4:19 PM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
दुबई की अदालत ने कंपनी और आरएसएम जनरल ट्रेडिंग की तरफ से दायर शिकायतों को खारिज कर दिया और यूएई में होनासा कंज्यूमर के एसेट्स को जब्त करने का आदेश दिया।

Mamaearth Shares: मामाअर्थ की पैरेंट कंपनी होनासा कंज्यूमर के शेयरों में बिकवाली का भारी दबाव रहा। यूएई में इसकी संपत्तियों की जब्ती के अपने पूर्व फैसले में कोई बदलाव नहीं किया तो इसका झटका घरेलू मार्केट में शेयरों पर दिखा। इस झटके से शेयर करीब 5 फीसदी टूट गए और दिन के आखिरी तक संभल नहीं पाए। आज बीएसई पर यह 4.04 फीसदी की गिरावट के साथ 427.95 रुपये के भाव पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 4.70 फीसदी फिसलकर 425.00 रुपये के भाव तक आ गया था। पिछले साल 10 नवंबर 2023 को इसके शेयर एक साल के निचले स्तर 256.10 रुपये और पिछले महीने 10 सितंबर 2024 को एक साल के हाई 546.50 रुपये के भाव पर थे।

क्यों जब्त हो रही Mamaearth की पैरेंट कंपनी Honasa Consumer की संपत्ति?

दुबई की अदालत ने कंपनी और आरएसएम जनरल ट्रेडिंग की तरफ से दायर शिकायतों को खारिज कर दिया और यूएई में होनासा कंज्यूमर के एसेट्स को जब्त करने का आदेश दिया। इसके अलावा कोर्ट ने होनासा कंज्यूमर जनरल ट्रेडिंग के ट्रेडिंग लाइसेंस को रद्द करने से भी इनकार किया। कोर्ट ने लाइसेंस रद्द करने से इसलिए इनकार कर दिया क्योंकि कोर्ट के मुताबिक यह एक अलग कानूनी और वित्तीय इकाई है और होनासा से जुड़ी नहीं है। इसके अलावा कंपनी ने 2.5 करोड़ (57.15 करोड़ रुपये) के मुआवजे के मद्देनजर होनासा की संपत्तियों को दुबई में जब्त करने का भी आदेश दिया।


कंपनी का क्या कहना है?

होनासा कंज्यूमर ने एक्सचेंज फाइलिंग में कहा कि दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के चलते दुबई कोर्ट के आदेश का इस पर कोई वित्तीय सेहत असर नहीं पड़ेगा। दिल्ली हाईकोर्ट ने आरएसएम को दुबई में दायर किसी भी एग्जेक्यूशन प्रॉसिडिंग्स को वापस लेने का आदेश दिया है और साथ ही दिल्ली उच्च न्यायालय रजिस्ट्र्री में लगभग 57 करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया है। उच्च न्यायालय ने आगे आदेश दिया कि यदि दुबई में दायर एग्जेक्यूशन प्रॉसिडिंग्स सफल हो जाती है, तो जमा की गई राशि होनासा को वापस कर दी जाएगी। चूंकि आरएसएम ने न तो एग्जेक्यूशन प्रॉसिडिंग्स वापस ली है और न ही 57 करोड़ रुपये जमा किए हैं तो होनासा अब आरएसएम के खिलाफ कोर्ट के फैसले के उल्लंघन की याचिका दायर करने वाली है।

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।