मनीकंट्रोल की तरफ से ब्रोकरों के बीच कराए गए पोल से यह निकलकर आया है कि तीसरी तिमाही में बजाज ऑटो के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार पर 23 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है और यह1,195.7 करोड़ रुपये पर रह सकता है। इस पोल में शामिल 6 ब्रोकरेज हाउस के मिलेजुले निष्कर्षों के मुताबिक दिसंबर तिमाही में कंपनी के मुनाफे में फेस्टिव सीजन में कमजोर मांग का असर दिख सकता है।
गौरतलब है कि आज ही बजाज ऑटो के नतीजे आने वाले है। इस पोल से यह भी निकलकर आया है कि तीसरी तिमाही में कंपनी की ब्रिकी में सालाना आधार पर 1 फीसदी की हल्की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है और यह 8,994 करोड़ रुपये पर रह सकती है। हालांकि इस तिमाही के दौरान कंपनी के व़ॉल्यूम में 10 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली है।
इस पोल से यह भी निकलकर आया है कि कंपनी की आय में होने वाली लगभग सारी बढ़ोतरी कीमतों में की गई बढ़ोतरी के कारण होगी। एनालिस्ट का कहना है कि ग्रामीण मांग में कमजोरी के साथ ही एक्सपोर्ट में गिरावट के कारण तीसरी तिमाही में कंपनी के नतीजे कमजोर रहेंगे।
हालांकि इस रिपोर्ट में यह भी कहा है कि टू-व्हीलर सेगमेंट के कमजोर प्रदर्शन के बावजूद 3 व्हीलर बिक्री में आई जोरदार मजबूती से कंपनी को कुछ राहत मिलेगी। गौरतलब है कि ग्रामीण बाजार से आने वाली टू-व्हीलर की मांग में कमजोरी की वजह से कंपनी पर प्रतिकूल असर पड़ा है।
कोरोना महामारी के चलते निम्न और मध्यआय वर्ग के उपभोक्ताओं के आय पर असर पड़ा है जिसके कारण ग्रामीण क्षेत्रों से आ रही टू-व्हीलर की मांग घटी है । इसके अलावा कच्चे माल और कमोडिटी की कीमतों में हाल में आई बढ़ोतरी के कारण कंपनी ने अपने प्रोडक्ट्स के भाव बढ़ाए है। इससे कंपनी की बिक्री पर असर पडा है।
ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल का कहना है कि लोअर व़ॉल्यूम और हाई इनपुट कॉस्ट के चलते कंपनी के स्टॉक की डाउनग्रेडिंग करनी पड़ी है। उम्मीद है कि कंपनी की तीसरी तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग प्रॉफिट में सालाना आधार पर 23.4 फीसदी की गिरावट देखने को मिल सकती है औऱ यह 23.25 करोड़ रुपये पर आ सकती है। इसी तरह दिसंबर तिमाही में कंपनी के ऑपरेटिंग मार्जिन में सालाना आधार पर 480-549 बेसिस प्वाइंट की गिरावट देखने को मिल सकती है और 13.9-14.7 फीसदी के बीच रह सकता है।
कंपनी के मार्जिन पर कच्चे माल की बढ़ती कीमतों का असर देखने को मिलेगा। यस सिक्योरिटीज ने बजाज ऑटो के अपने प्रीव्यू नोट में कहा है कि कंपनी की आय के अलावा निवेशकों की नजर आगे के आउटलुक , डिमांड और मार्जिन पर कंपनी के गाइडेंस पर रहेगी। हमारा मानना है कि हायर एक्सपोर्ट, मिक्स और अच्छे लागत ढ़ाचे की वजह से बजाज ऑटो मार्जिन पर दबाव का सामना करने के लिए तुलनात्मक रुप से ज्यादा बेहतर स्थिति में है।