Market cues : निफ्टी के 23750 से नीचे जाने पर बढ़ेगी गिरावट, इसके ऊपर बने रहने पर 24000-24200 का लेवल मुमकिन

Trade setup for today : अगर निफ्टी मजबूती के साथ 23750 के स्तर को तोड़ता है,तो बाजार में मंदड़िए जोरदार वापसी कर सकते हैं। वहीं, 23,750 के ऊपर बने रहने से धीरे-धीरे 24,000 और उसके बाद 24,200 की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। ऊपर की ओर बड़ी चाल तभी संभव है जब निफ्टी लगातार 24,200 के ऊपर ट्रेड करे

अपडेटेड Jun 24, 2026 पर 8:41 AM
Trade Setup : मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाले इंडिया VIX में कल 8.57% की बढ़त हुई और यह 13.94 पर पहुंच गया,जो बुल्स के लिए बेचैनी का संकेत है

Trade setup for today : 23 जून को टेक शेयरों में आई ग्लोबल गिरावट के चलते बाजार पर दबाव बना और यह 1.2 प्रतिशत गिर गया। मोमेंटम इंडिकेटर्स ने कंसोलिडेशन का संकेत दिया,लेकिन तेल की कीमतों में राहत के कारण निफ्टी अभी भी 20-डे EMA (23,750) और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन (23,640) के ऊपर बना हुआ है। अगर इंडेक्स इन लेवल्स को साफ तौर पर तोड़ता है, तो मार्केट में मंदड़िए ज़ोरदार वापसी कर सकते हैं। हालांकि,इसके ऊपर बने रहने से धीरे-धीरे 24,000 के लेवल और उसके बाद 24,200 (जो एक अहम रेजिस्टेंस लेवल है) की ओर बढ़ने की संभावना बढ़ सकती है। 24,200 के ऊपर लगातार ट्रेड होने पर ही बड़ी बढ़त की उम्मीद की जा सकती है। जानकारों के मुताबिक,तब तक एक तय दायरे में ट्रेडिंग और कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।

Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल


पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,781, 23,698 और 23,564

पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,049, 24,132 और 24,265

निफ्टी ने कल एक लंबी बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी शैडो थीं। यह उतार-चढ़ाव के बीच कमजोरी का संकेत है। इंडेक्स 100-डे EMA के नीचे बना रहा और 10-डे और 50-डे EMA के भी नीचे आ गया। हालांकि यह 20-डे EMA के ऊपर बना रहा। इंडेक्स अप्रैल की रैली के 23.6 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल के नीचे भी फिसल गया,जो 24,000 से थोड़ा ऊपर है। RSI गिरकर 51.91 पर आ गया,लेकिन रेफरेंस लाइन से ऊपर बना रहा। MACD में बुलिश क्रॉसओवर बना रहा,हालांकि MACD लाइन और सिग्नल लाइन के बीच का अंतर कम हो गया। यह हिस्टोग्राम की हल्के हरे रंग की बार्स में दिखा,जो लगातार तीसरे सेशन में छोटी होती गईं। इन सबसे पता चलता है कि ओवरऑल ट्रेंड तो पॉजिटिव है,लेकिन मोमेंटम कमजोर पड़ गया है और निकट भविष्य में कंसोलिडेशन जारी रह सकता है।

बैंक निफ्टी

पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,752, 57,963 और 58,304

पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 57,070, 56,859 और 56,519

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,678

फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,772, 56,012

बैंक निफ्टी में भी 1.3 प्रतिशत की गिरावट आई और डेली टाइमफ्रेम पर एक लंबी बेयरिश कैंडल बनी,जो 58,000 के लेवल पर रेजिस्टेंस का सामना करने के बाद कमजोरी का संकेत है। बैंकिंग इंडेक्स ने पिछले हफ्ते के निचले स्तर को बनाए रखा और सभी अहम मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड करना जारी रखा। इसमें 20-डे EMA,100-डे EMA से ऊपर चला गया है और अब 200-डे EMA से ऊपर जाने की कगार पर है। RSI गिरकर 60.97 पर आ गया है और बेयरिश क्रॉसओवर की कगार पर है। MACD में तेजी का रुख बना रहा,हालांकि हल्के हरे रंग के हिस्टोग्राम बार और छोटे हो गए। इन सबसे पता चलता है कि बड़ा ट्रेंड तो पॉज़िटिव बना हुआ है,लेकिन मोमेंटम कम होने से संकेत मिलता है कि निकट भविष्य में कंसोलिडेशन हो सकता है।

एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो

23 जून को विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने 17 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे और वे नेट बायर रहे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी बाजार को सहारा देना जारी रखा और इस दौरान 680 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे।

इंडिया VIX

मार्केट में उतार-चढ़ाव की उम्मीद को मापने वाले इंडिया VIX में कल 8.57% की बढ़त हुई और यह 13.94 पर पहुंच गया,जो बुल्स के लिए बेचैनी का संकेत है। बुल्स के लिए अपने कम्फर्ट जोन में बने रहने के लिए इंडेक्स का 12 के लेवल से नीचे आना जरूरी है।

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पुट कॉल रेशियो

बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 23 जून को पिछले सेशन के 0.97 से गिरकर 0.88 पर आ गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।

F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक

F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।

एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक:कोई नहीं

एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक:केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया

एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक:कोई नहीं

 

 

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