शेयर बाजार की लिस्टेड कंपनियों अथवा सरकार द्वारा लिये गये फैसलों का शेयर कंपनियों के स्टॉक्स पर ऐक्शन देखने को मिलता है। कुछ कंपनियां बाजार बंद होने के बाद अपने फैसले घोषित करती हैं और कुछ कंपनियां बाजार समय के दौरान अपने निर्णयों को सार्वजनिक कर देती हैं। कभी-कभी अन्य सूत्रों से भी कंपनियों के बारे ऐसी जानकारी छनकर सामने आती है जिसका उनके स्टॉक्स पर अनुकूल या प्रतिकूल असर देखने को मिलता है। इसी को ध्यान में रखकर हम रोजाना निवेशकों के लिए Buzzing Stocks के रूप में ऐसे शेयरों या कंपनियों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं जो किन्हीं कारणों से आज बाजार के दौरान सुर्खियों या फोकस में रहेंगी।
आज एलआईसी की लिस्टिंग के पहले पीएसयू स्टॉक्स फोकस में हैं। ग्रे मार्केट प्रीमियम प्रति शेयर 30 रुपये डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहे हैं। वैश्विक इक्विटी बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच एक्चेंजों पर एलआईसी की आज सपाट या निगेटिव में लिस्टिंग हो सकती है।
डीजीसीए ने प्रथम दृष्टया रांची हवाई अड्डे पर इंडिगो द्वारा विशेष बच्चे (special child) को संभालने की गतिविधि को अनुचित पाया। डीजीसीए इंडिगो को स्पष्टीकरण के लिए कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। फर्म ने कहा कि वह इस मामले का उचित समय पर जवाब देगी।
आदित्य बिड़ला कैपिटल ने एक्सचेंजों से कहा कि फर्म को व्हिसलब्लोअर शिकायत मिली है जहां आदित्य बिड़ला सन लाइफ और कर्मचारियों के खिलाफ आरोप लगाए गए थे। फर्म ने कहा कि शिकायत की जांच कर रही एक स्वतंत्र समिति को किसी भी आरोप में कोई दम नजर नहीं आया। फर्म ने यह भी कहा कि शिकायत में सीईओ अजय श्रीनिवासन के खिलाफ आरोप नहीं लगाए गए हैं।
मैक्स हेल्थकेयर ने एक्सचेंजों से कहा है कि उसके बोर्ड ने आल्प्स हॉस्पिटल (Alps Hospital) और मैक्स हॉस्पिटल्स (Max Hospitals) की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनियों के विलय को मंजूरी दे दी है।
केईसी इंटरनेशनल को 1150 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला। केईसी इंटरनेशनल को 1150 करोड़ रुपये के ये ऑर्डर उसके विविध बिजनेस के लिए मिले हैं।
एक्सचेंजों से आईआरबी इंफ्रास्ट्रक्चर ने कहा है कि उसका अप्रैल महीने का कुल टोल कलेक्शन मार्च में 306.66 करोड़ रुपये के मुकाबले 327 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल अप्रैल में कुल टोल कलेक्शन 196.64 करोड़ रुपये रहा था।
रेमंड ने एक्सचेंजों को बताया कि सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के लिए कंपनी का मुनाफा 265 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 59 करोड़ रुपये रहा था। वहीं सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के लिए कंपनी की आय 44 प्रतिशत बढ़कर 1958 करोड़ रुपये रही।
वीआईपी इंडस्ट्रीज ने एक्सचेंजों को बताया कि सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के लिए कंपनी का मुनाफा 12 करोड़ रुपये रहा जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी को 4 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था। वहीं सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2022 की चौथी तिमाही के लिए कंपनी की आय बढ़कर 356 करोड़ रुपये रही जबकि पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में कंपनी की आय 243 करोड़ रुपये रही थी।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)