वर्तमान में सीमेंट स्टॉक में निवेश करने वाले निवेशकों के लिए फिलहाल उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आ रही है। Ultratech Cement Ltd, ACC Ltd, Ambuja Cements Ltd और Shree Cement Ltd जैसे बड़े सीमेंट स्टॉक में 5 कारोबारी सत्रों में 12-8 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है। कुछ रीजन में सीमेंट के प्राइसों में बढ़ोतरी के बावजूद यह कमजोरी देखने को मिली है।
3 मार्च को जारी जैफरीज इंडिया के एक रिपोर्ट के मुताबिक महीने दर महीने आधार पर देखें तो दक्षिणी, पश्चिमी और पूर्वी भारत के बाजारों में सीमेंट की कीमतों में 4-5 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। दूसरी तरफ उत्तरी भारत के बाजारों में सीमेंट की कीमतों में 2 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
कीमतों में बढ़ोतरी उम्मीद के अनुरूप नहीं रही है। इसके साथ ही सीमेंट उत्पादन की लागत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है जबकि मांग उम्मीद से कमजोर नजर आ रही है। ऐसे में आगे भी सीमेंट स्टॉक्स पर दबाव बने रहने की संभावना है। ध्यान में रखने की बात यह है कि सीमेंट कंपनियां क्रूड आधारित पेट्रोलियम कोक और आयातित कोयले को उत्पादन प्रक्रिया में बड़ी मात्रा इस्तेमाल में लाती हैं। पेट कोक और आयातित कोयले की कीमत पहले से ही बढ़ी हुई है। अब रूस-यूक्रेन के बीच जारी संघर्ष ने इनके सप्लाई चेन पर दिक्कत और कीमतों में और बढ़ोतरी की संभावना बना दी है।
Motilal Oswal द्वारा जारी 2 मार्च की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि पिछले 1 महीने में साउथ अफ्रीका और ऑस्ट्रेलिया से आनेवाले कोयले के भाव में 75 फीसदी और 52 फीसदी की बढोतरी देखने को मिली है जबकि पिछले 2 हफ्ते में इनके भाव में 40-50 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है।
एनालिस्ट का मानना है कि आयातित कोयले और पेट कोक के दाम में इस बढ़ोतरी के चलते वित्त वर्ष 2023 की जून तिमाही तक सीमेंट कंपनियों के मार्जिन पर सबसे ज्यादा दबाव देखने को मिलेगा। ऐसे में सीमेंट कंपनियों को अभी जल्दी राहत मिलने की उम्मीद नजर नहीं आ रही है।