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Daily Voice: चीन और ब्राजील के बाजारों से बेहतर हैं भारतीय बाजार, वैल्यूएशन को लेकर न हों परेशान

वर्तमान ग्लोबल अनिश्चितता के माहौल में भारत में राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता है जिसके चलते भारतीय बाजार दूसरे उभरते बाजारों की तुलना में ज्यादा बेहतर नजर आ रहे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 01, 2022 पर 8:44 PM
Daily Voice: चीन और ब्राजील के बाजारों से बेहतर हैं भारतीय बाजार, वैल्यूएशन को लेकर न हों परेशान
वौलेटिलिटी के नजरिए से भी भारतीय बाजार चीन और ब्राजील जैसे दूसरे उभरते बाजारों की तुलना में ज्यादा स्थिर हैं

Centrum PMS के चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर अनिल सरीन ने मनीकंट्रोल के साथ बाजार की आगे की दशा और दिशा पर बात करते हुए कहा कि निवेश के लिए हमें हेडलाइन वैल्यूएशन पर ध्यान ना देकर इस समय मिड और स्मॉलकैप स्पेस के चुनिंदा शेयरों पर नजर डालनी चाहिए। इस समय तमाम सेक्टर और सेगमेंट ग्रोथ के दौर में है। ऐसे में इनके वैल्यूएशन मीडियम टर्म में इनके अर्निंग ग्रोथ की तुलना में अच्छे नजर आ रहे हैं।

अनिल सरीन का मानना है कि उत्पादन क्षमता के शिखर पर पहुंचने, मांग में मजबूती आने की संभावना होने और मजबूत बैलेंसशीट के चलते अगले 1-2 साल में हमें निजी क्षेत्र के निवेश में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। अनिल सरीन का यह भी मानना है कि भारतीय बाजार दूसरे उभरते बाजारों की तुलना में ज्यादा बेहतर रिटर्न देने की संभावना रखता है। ऐसे में भारतीय बाजारों का वैल्यूएशन हमें बहुत ज्यादा जोखिम पूर्ण नहीं लगता।

वैल्यूएशन की बात करें तो निफ्टी इस समय 20.6 गुने के फॉर्वड PE (प्राइस टू अर्निंग ) पर ट्रेड कर रहा है जो कि अपने मध्यमान से 0.5 मानक विचलन (स्टैंडर्ड डेविएशन ) है।

इस बातचीत में उन्होंने आगे कहा कि आगे हमें निजी क्षेत्र में निवेश बढ़ता नजर आएगा। स्टील सहित दूसरे मेटल, पावर यूटिलिटी, सीमेंट, टेलिकॉम और ऑयल सेक्टर से जुड़ी कंपनियों ने अपनी तमाम विस्तार योजनाओं का ऐलान किया है जो अगले 2 सालों में पूरी होनी हैं। वित्त वर्ष 2023 से पीएलआई आधारित निवेश में भी बढ़ोतरी देखने को मिलेगी।

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