eMudhra shares : अग्रणी लाइसेंस्ड सर्टिफाइंग अथॉरिटी ईमुद्रा अपने खास बिजनेस मॉडल के चलते लंबी अवधि का दांव हो सकती है। भारत के डिजिटल ट्रस्ट सर्विसेज क्षेत्र में कंपनी मार्केट लीडर है। इसकी ब्रांड पहचान अच्छी है और चैनल पार्टनर रिलेशनशि भी मजबूत स्थिति में हैं। मार्केट एक्सपर्ट्स ने इस शेयर में निवेश के संबंध में ये बातें कही हैं।
ईमुद्रा का शेयर बीएसई पर अपने इश्यू प्राइस से 6 फीसदी ऊपर 271 रुपए पर खुला और इंट्रा डे में 279 रुपये के स्तर तक गया। दोपहर 1 बजे शेयर 260 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। बाजार में जारी उतार-चढ़ाव के बावजूद शेयर में मजबूती बरकरार है।
हेम सिक्योरिटीज की सीनियर रिसर्च एनालिस्ट आस्था जैन ने कहा, “हम कंपनी के लंबी अवधि के आउटलुक पर खासे आशावादी हैं। कंपनी भारत में सबसे बड़ी लाइसेंस्ड सर्टिफाइंग अथॉरिटी होने के कारण सुरक्षित डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन में वन स्टॉप सॉल्यूशंस प्रोवाइडर है।”
वित्त वर्ष 21 में डिजिटल सिगनेचर सर्टिफिकेट्स मार्केट में कंपनी का 37.9 फीसदी मार्केट शेयर था। कंपनी डिजिटल ट्रस्ट सर्विसेज और एंटरप्राइज सॉल्यूशंस भी उपलब्ध कराती है। जैन ने कहा, बाजार में सिर्फ 12 साल से होते हुए भी ईमुद्रा की ब्रांड पहचान अच्छी है।
लंबी अवधि के लिए करें होल्ड
मारवाड़ी फाइनेंशियल सर्विसेज के रिसर्च एनालिस्ट सौरभ जोशी ने कहा कि इनवेस्टर्स को ईमुद्रा के शेयर लंबी अवधि के लिए होल्ड करने पर विचार करना चाहिए, क्योंकि कंपनी भारत की सबसे बड़ी लाइसेंस्ड सर्टिफाइंग अथॉरिटी है। उन्होंने कहा, भविष्य में कंपनी की ग्रोथ की क्षमताओं को देखते हुए शेयर का वैल्यूएशन आकर्षक है। अगर किसी ने शेयर के लिए आवेदन नहीं किया था या अलॉटमेंट नहीं मिला तो सुस्त लिटिंग का लाभ उठाकर ईमुद्रा में निवेश किया जा सकता है।
कंपनी ने वित्त वर्ष 2020-21 में 38 फीसदी ग्रोथ के साथ 25.4 करोड़ रुपये का प्रॉफिट दर्ज किया था। वहीं रेवेन्यू 13 फीसदी बढ़कर 131.60 करोड़ रुपये हो गया।
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