Adani group companies : शॉर्ट सेलर हिंडेनबर्ग रिसर्च ने बुधवार, 25 जनवरी को कहा कि उसने अमेरिका में ट्रेड होने वाले बॉन्ड्स और नॉन इंडियन ट्रेडेड डेरिवेटिव इंस्ट्रुमेंट्स के जरिये भारत के अडानी ग्रुप की कंपनियों में शॉर्ट पोजिशन ले रखी हैं। Hindenburg ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि अडानी ग्रुप की सात लिस्टेड कंपनियों की आसमान छूती वैल्यूएशन को देखते हुए फंडामेंटल के आधार पर 85 फीसदी डाउनसाइड है। अडानी ग्रुप की अगुआई दुनिया के तीसरे सबसे अमीर शख्स गौतम अडानी (Gautam Adani) कर रहे हैं।
अडानी ग्रुप ने खारिज की रिपोर्ट
अडानी ग्रुप ने हिंडेनबर्ग की बातों को सिरे से खारिज कर दिया है। ग्रुप ने एक बयान में कहा कि लगाए गए आरोपों को अदालत पहले ही खारिज कर चुकी है। अडानी ग्रुप ने कहा, “HINDENBURG RESEARCH की रिपोर्ट में गलत जानकारियां दी गई हैं। यह रिपोर्ट पूरी तरह आधारहीन है। यह रिपोर्ट तथ्यों की जांच किए बगैर प्रकाशित की गई है।” अडानी ग्रुप ने यह आरोप भी लगाया कि रिपोर्ट छापने से पहले हमसे संपर्क नहीं किया गया।
Hindenburg ने उठाए ये सवाल
रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, Hindenburg ने अपनी रिपोर्ट में कहा, “अडानी ग्रुप की प्रमुख कंपनियों ने खासा कर्ज ले रखा है। लोन के लिए शेयर गिरवी रखे हैं और पूरे ग्रुप को एक अनिश्चितता भरे हालात में डाल दिया है।”
इससे पहले, अडानी ग्रुप के सीएफओ जुगशिंदर सिंह ने 21 जनवरी को कहा था, “किसी ने कर्ज से जुड़ी चिंताएं जाहिर नहीं की हैं। एक भी इनवेस्टर ने नहीं।” पोर्ट से एनर्जी तक के बिजनेस में लगे अडानी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अडानी एंटरप्राइजेस ने कहा कि वह इस शुक्रवार को भारत के सबसे बड़े एफपीओ के जरिये 2.5 अरब डॉलर जुटाएगी।
2022 में शेयरों में दिखी दमदार रैली
Adani Enterprises के शेयर में 2022 में 125 फीसदी की दमदार रैली देखने को मिली है। वहीं, पावर और गैस सहित अन्य कंपनियों के शेयर भी 100 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुके हैं।
31 मार्च, 2022 तक Adani Group का कुल कर्ज 40 फीसदी बढ़कर 2.2 लाख करोड़ रुपये हो गया।