HSBC ‘neutral’ on Indian stocks Market: ग्लोबल इन्वेस्टमेंट बैंकिंग कंपनी HSBC (एचएसबीसी) अगले 6 महीने के नजरिए से भारतीय बाजार को लेकर ‘neutral’ नजरिया रखता है। HSBC का कहना है कि महंगाई की ऊंची दर और महंगा वैल्यूएशन भारतीय बाजार के लिए चिंता का विषय है। HSBC ने अपने एक नोट मे कहा है कि भारतीय बाजार के लिए महंगा वैल्यूएशन और महंगाई चिंता का विषय बने हुए हैं लेकिन हमें भारत में डिजिटल इकोनॉमी, ग्रीन एनर्जी और स्मार्ट मैन्यूफैक्चरिंग सेक्टर से जुड़े स्टॉक्स में ग्रोथ के अच्छे मौके नजर आ रहे है।
गौरतलब है कि 2022 में भारतीय स्टॉक मार्केट में दुनिया के दूसरे बड़े बाजारों और उभरते बाजारों की तुलना में काफी बेहतर प्रदर्शन किया है। कंपनियों के अर्निंग में अच्छी बढ़ोतरी और घरेलू खपत में बढ़त की बड़ी संभावनाओं से भारतीय बाजार को जोरदार सपोर्ट मिला है। 2022 में अब तक सेंसेक्स और निफ्टी में 6 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है जबकि इसी अवधि में MSCI ऑल कंट्री वर्ल्ड इंडेक्स (MSCI All Country World Index) में 22 फीसदी की गिरावट देखने को मिली है।
लेकिन इस आउटपरफॉर्मेस का एक मतलब यह भी है कि भारतीय इक्विटीज अपने वन ईयर फॉरवर्ड अर्निंग से 20 गुना ऊपर ट्रेड कर रही है। इसकी वजह से भारतीय इक्विटी बाजारदुनिया के सबसे महंगे बाजारों में से एक हो गया है।
चीन को छोड़कर दूसरे एशियाई बाजारों पर नजर डालें तो HSBC हांगकांग, थाईलैंड और इंडोनेशिया में निवेश करने के पक्ष में है। HSBC का मानना है कि कोविड -19 के बाद इन देशों की इकोनॉमी खुली है और अब इनमें ग्रोथ की काफी संभावना नजर आ रही है। HSBC का यह भी कहना है कि इनमें इंडोनेशिया उनको तुलनात्मक रुप से सबसे ज्यादा अच्छा लग रहा है।
HSBC चाइना पर भी न्यूट्रल नजरिया रखता है। उसका कहना है कि उसको चीन की कुछ नीतियों को लेकर सफाई आने का इंतजार है। HSBC का यह भी कहना है कि रिस्क रिटर्न रेशियो के नजरिए से देखें तो इस समय बॉन्ड ज्यादा आकर्षक नजर आ रहे है। बढ़ते ब्याज दर और सुस्त पड़ती ग्रोथ की वजह से स्टॉक मार्केट में हाल के दिनों में गिरावट आई है और यहां सस्ते में अच्छे शेयर मिल रहे है। फिर भी इस समय मार्केट की तुलना में बॉन्ड मार्केट ज्यादा बेहतर नजर आ रहे है।
बॉन्ड पोर्टफोलियो की बात करें तो HSBC को इमर्जिंग मार्केट के छोटी अवधि के इन्वेस्टमेंट ग्रेड के बॉन्ड और हॉर्ड करेंसी कॉर्पोरेट बॉन्ड पसंद है। HSBC अमेरिकन इक्विटी मार्केट पर अगले 6 महीने के नजरिए से "overweight" है। HSBC का कहना है कि यूरोप की तुलना में अमेरिकी इक्विटी बाजार में ज्यादा बेहतर डायवरसिटी और क्वालिटी है। जो इसको निवेश के नजरिए से एक अच्छा दांव बनाते है।
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