आईसीआईसीआई बैंक (ICICI Bank) मार्केट कैप के आधार पर भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India (SBI) से आगे निकल गया। मार्केट कैप में SBI को पछाड़कर एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) के बाद मार्केट वैल्यू के लिहाज से भारत का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया। बीएसई के आंकड़ों के अनुसार आईसीआईसीआई बैंक बुधवार को 4,96,364.87 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटलाइजेशन के साथ बंद हुआ, जबकि एसबीआई का मार्केट कैपिटलाइजेशन 4,25,168.49 करोड़ रुपये रहा था।
वहीं एचडीएफसी बैंक 7,47,991.29 करोड़ रुपये के मार्केट कैपिटल के साथ भारत का सबसे वैल्यूएबल बैंक बना हुआ है। एचडीएफसी बैंक भारत की शीर्ष 10 सबसे वैल्यूएबल कंपनियों की सूची में तीसरे स्थान पर है। रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड या आरआईएल (Reliance Industries Limited or RIL) और टीसीएस (TCS) का इस सूची में क्रमशः पहला और दूसरा स्थान है।
इस बीच अडानी ग्रीन एनर्जी (Adani Green Energy) का मार्केट कैप भारत की शीर्ष 10 सबसे वैल्यूएबल सूचीबद्ध कंपनियों की सूची में सातवें से आठवें स्थान पर खिसक गया है। स्टॉक में बिकवाली के ट्रिगर के बाद अडानी समूह के शेयर का मार्केट वैल्यू पिछले एक सप्ताह में गिर गया। पिछले हफ्ते अडानी ग्रीन एनर्जी ने मार्केट कैप के लिहाज से एसबीआई को पछाड़ दिया था और बिग बॉयज क्लब में सातवां स्थान हासिल किया था। लेकिन अडानी के शेयरों में हालिया बिकवाली के बाद एसबीआई ने सबसे वैल्यूएबल भारतीय कंपनी की सूची में सातवां स्थान हासिल किया है।
मिंट में छपी खबर के मुताबिक आईसीआईसीआई बैंक ने पहली बार 2013 में एसबीआई के मार्केट कैप के लिहाज से पछाड़ दिया था। हालांकि यह लंबे समय टिक नहीं सका और कुछ सत्रों के बाद आईसीआईसीआई बैंक का मार्केट कैप एसबीआई के मार्केट कैप से नीचे आ गया। बाद में 2016 में और मार्च 2022 में एसबीआई का मार्केट कैप एक बार फिर निजी बैंक के मार्केट वैल्यू से नीचे आ गया।
हालांकि इस बार दो प्रमुख भारतीय बैंकों के मार्केट वैल्यू में अंतर बड़ा दिख रहा है क्योंकि आईसीआईसीआई बैंक निश्चित रूप से 5 लाख करोड़ रुपये के मार्केट कैप तक पहुंच गया है। वहीं एसबीआई का मार्केट कैप 4 लाख करोड़ रुपये के मार्केट वैल्यू की ओर खिसक रहा है।
सबसे बड़े भारतीय कमर्शियल बैंक पर अपनी बढ़त बढ़ाने के लिए आईसीआईसीआई बैंक के मार्केट कैप के संभावित कारण पर प्रकाश डालते हुए 5paisa.com की रुचि जैन ने कहा, "बैंक निफ्टी (विशेष रूप से निजी क्षेत्र के बैंकिंग शेयरों) ने पिछले कुछ सेशंस से निफ्टी के की तुलना में बेहतर आउटपरफॉर्मेंस दिखाया है।"
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)