आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल और सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स को हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (Hindustan Zinc Ltd) में सरकार की 29.53 प्रतिशत बची हिस्सेदारी की बिक्री का प्रबंधन करने के लिए चुना गया है। इस काम के लिए पांच निवेश इनवेस्टमेंट बैंकरों को चुना गया है जिसमें ये तीनों भी शामिल हैं। एक अधिकारी ने ये जानकारी दी है।
अधिकारी ने ये भी कहा कि इसके अलावा एचडीएफसी बैंक और आईआईएफएल सिक्योरिटीज भी निवेश बैंकर के रूप में कार्य करेंगे। ये सरकार के साथ मिलकर काम करेंगे। ये भी शेयर बिक्री के प्रस्तावों को हैंडल करेंगे।
बता दें कि 12 अगस्त को 6 मर्चेंट बैंकरों ने सरकारी अधिकारियों के सामने प्रजेंटेशन दिया था।
अधिकारी ने पीटीआई को बताया कि चुने गए पांच बैंकरों में आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज, एक्सिस कैपिटल, सिटीग्रुप ग्लोबल मार्केट्स, एचडीएफसी बैंक और आईआईएफएल सिक्योरिटीज शामिल हैं।
निवेश और सार्वजनिक संपत्ति प्रबंधन विभाग (Department of Investment and Public Asset Management(DIPAM) ने जुलाई की शुरुआत में हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड (HZL) की बची हिस्सेदारी के प्रबंधन के लिए मर्चेंट बैंकरों से बोलियां आमंत्रित की थीं और बोली लगाने की समय सीमा 28 जुलाई निर्धारित की थी।
चुने गये मर्चेंट बैंकर विनिवेश के के लिए सरकार की सहायता करेंगे। निवेशकों की प्रतिक्रिया प्राप्त करेंगे और रेग्युलेटरी अनुमोदन प्राप्त करने के अलावा इनवेस्टर रोड शो आयोजित करेंगे।
एचजेडएल Mines Ministry के प्रशासनिक नियंत्रण में एक सीपीएसई था और 2002 में इसका निजीकरण कर दिया गया था।
वर्तमान में वेदांता लिमिटेड (Vedanta Ltd) की एचजेडएल में 64.92 प्रतिशत हिस्सेदारी है। जबकि सरकार की 29.53 प्रतिशत हिस्सेदारी है। केवल 5.5 प्रतिशत हिस्सेदारी आम लोगों के पास है।
बीएसई पर एचजेडएल का शेयर 6.85 प्रतिशत बढ़कर 292.50 रुपये पर बंद हुआ।
मौजूदा बाजार भाव पर 124.9 करोड़ शेयरों की बिक्री से सरकारी खजाने को करीब 36,000 करोड़ रुपये मिलेंगे।
सरकार ने चालू वित्त वर्ष में सीपीएसई विनिवेश के जरिए 65,000 करोड़ रुपये जुटाने का बजट रखा है। चालू वित्त वर्ष में अब तक इसने 24,544 करोड़ रुपये की प्राप्त किये हैं।