ग्लोबल ब्रोकरेज जेफरीज (Global Brokerage Jefferies) के अनुसार भारतीय आईटी फर्मों (Indian IT firms) को ऑनसाइट काम के लिए उच्च वेतन वृद्धि और बढ़ती यात्रा लागत से मार्जिन की दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसे आंशिक रूप से उप-ठेकेदारों के रिप्लेसमेंट से ऑफसेट किया जा सकता है। नेट बेसिस पर देखा जाये तो टॉप 5 आईटी फर्मों पर इन फैक्टर्स के कारण 70-130 बीपीएस तक मार्जिन पर प्रभाव पड़ सकता है।
जेफरीज के कहा है “पिछले छह महीनों में अमेरिकी मुद्रास्फीति की दर तेजी से से बढ़ते हुए 7%+ के स्तर पर पहुंच गई है। पहले भारतीय आईटी फर्मों के लिए ऑनसाइट वेतन मुद्रास्फीति 1.5-2% के बीच थी जो कि स्थानीय मुद्रास्फीति के स्तर के करीब थी। यदि अमेरिका में मुद्रास्फीति के स्तर में मौजूदा वृद्धि बनी रहती है, तो भारतीय आईटी फर्मों को वेतन में अच्छी खासी वृद्धि की पेशकश करनी पड़ सकती है। जेफरीज के विश्लेषण से पता चलता है कि ऑनसाइट मजदूरी मुद्रास्फीति में 1% की बढ़ोत्तरी पर 30 बीपीएस मार्जिन घट सकती है।
दूरस्थ कार्य/ऑफशोरिंग (remote work/offshoring) का चलन बढ़ने के साथ यात्रा लागत पूर्व-कोविड स्तर तक नहीं बढ़ सकती है, भले ही चलन पूर्व-कोविड और कोविड अवधि के औसत स्तर तक बढ़ जाएं, फिर भी इसकी वजह से मार्जिन 40-100 बेसिस प्वाइंट्स (बीपीएस) तक कम हो सकती है।
इसके अलावा, उच्च ऑनसाइट मिक्स मार्जिन पर असर डाल सकता है। हालांकि आईटी फर्मों के जारी पिरामिड रेशनलाजेशन और संभावित उपयोग में बदलाव से इस कमी को ऑफसेट कर सकते हैं। ऐसा ग्लोबल ब्रोकरेज का कहना है।
ऐसे में रुपये का मूल्यह्रास आंशिक रूप से इस असर को कम करेगा। जेफरीज ने वित्त वर्ष 2013/24 के लिए अपने ईपीएस अनुमानों को 3% तक कम कर दिया है। वहीं इन्फोसिस (Infosys) और टेक महिंद्रा (Tech Mahindra) अपने मजबूत ग्रोथ आउटलुक के चलते आईटी क्षेत्र में जेफरीज के टॉप स्टॉक पिक्स बने हुए हैं।
ग्लोबल ब्रोकरेज ने Infosys खरीदारी की रेटिंग दी है और इसका लक्ष्य 2,135 रुपये तय किया है। वहीं Tech Mahindra पर जेफरीज की टारगेट मूल्य 1,890 रुपये और HCL Technologies का टारगेट 1,440 रुपये तय किया है। इसके अलावा Jefferies ने Tata Consultancy Services (TCS) पर 3,870 रुपये के लक्ष्य मूल्य और Wipro पर 550 रुपये के टारगेट के साथ खरीदारी की सलाह दी है।