जुलाई के मध्य से भारतीय आईटी कंपनियों के नतीजे आने शुरु हो जाएंगे। बाजार जानकारों का कहना है कि पहली तिमाही में आईटी कंपनियों की रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। लेकिन वेतन लागत में बढ़ोतरी और हाई एट्रिशन रेट के कारण मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। एनालिस्ट का यह भी मानना है कि Infosys और HCL Technologies जैसी कंपनियों की तरफ से अमेरिका और यूरोप में मंदी की चिंता के बावजूद इस पूरे साल के गाइडेंस में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है।
गौरतलब है कि सभी बड़ी आईटी कंपनियां जून तिमाही के अपने नतीजे जुलाई के दूसरे पखवारे में जारी करती है। इनमें भी Infosys और Tata Consultancy Services के नतीजे सबसे पहले आएंगे।
गौरतलब है कि पहली तिमाही काफी उतार-चढ़ाव भरी रही है। बता दें कि जून तिमाही के दौरान काफी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। इस तिमाही में रूस-यूक्रेन वार, बढ़ती महंगाई, बढ़ती ब्याज दरें , सप्लाई चेन से जुड़ी दिक्कतें और लड़खड़ाता फाइनेंशियल मार्केट आईटी कंपनियों के लिए बड़ी चुनौती रही हैं।
इस दौरान आईटी स्टॉक में भारी गिरावट देखने को मिली है। निफ्टी आईटी इंडेक्स जनवरी के अपने हाई से 29 फीसदी टूट गया है। हाई वैल्यूएशन के साथ ही आईटी कंपनियों के सबसे बड़े बाजार अमेरिका और यूरोप में मंदी के चलते इस सेक्टर के लिए काफी चुनौतियां रहेंगी।
Kotak Institutional Equities का कहना है कि तिमाही आधार पर आईटी कंपनियों के नतीजे अलग-अलग कंपनी के लिए अलग-अलग रह सकते हैं। वहीं सालाना आधार पर इनके नतीजे मजबूत रहने की उम्मीद है। Kotak Institutional Equities का कहना है कि पहली तिमाही में Infosys की रेवेन्यू ग्रोथ तिमाही आधार पर 4.5 फीसदी पर रह सकती है जबकि TCS की रेवेन्यू ग्रोथ 3.6 फीसदी पर रह सकती है। वहीं Tech Mahindra, Wipro और HCL Technologies पर सीजनल कमजोरी का दबाव देखने को मिल सकता है और तिमाही दर तिमाही आधार पर इनकी कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ 2.4-2.8 फीसदी रह सकती है।
मिड कैप आईटी कंपनियों की बात करें तो Mphasis के लिए पहली तिमाही कमजोर रह सकती है। BPO कारोबार में कमजोरी Mphasis का प्रदर्शन कमजोर कर सकता है। इसी तरह L&T Infotech में 3.1 फीसदी की मध्यम ग्रोथ देखने को मिल सकती है। वहीं Mindtree का प्रदर्शन मजबूत रह सकता है।
Kotak Institutional Equities का मानना है कि Infosys अपना फुल ईयर रेवेन्यू गाइडेंस 12-14 फीसदी के बीच बनाए रह सकता है। जबकि इसका एबिट मार्जिन इस पूरे वित्त वर्ष के लिए कंपनी का 21-23 फीसदी के बीच रह सकता है। इसके अलावा HCL Technologies भी अपने रेवेन्यू ग्रोथ और मार्जिन गाइडेंस को क्रमश: 12-14 फीसदी और 18-20 फीसदी पर बनाए रख सकते हैं। वहीं Wipro अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 2.5-4.5 फीसदी के बीच रख सकता है ।
पहली तिमाही के नतीजों में निवेशकों की नजर कंपनियों को मिले नए डील, डिमांड पर कंपनियों की कमेंट्री , एट्रिशन रेट और प्राइसेस पर रहेगी। Kotak Institutional Equities का मानना है कि पहली तिमाही में आईटी कंपनियों की डील बड़े मात्रा में नए डील मिलने की खबर आ सकती है। जबकि इस अवधि में कंपनियों की एट्रिशन रेट 20 फीसदी से ज्यादा रह सकती है।
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