जुलाई के मध्य से भारतीय आईटी कंपनियों के नतीजे आने शुरु हो जाएंगे। बाजार जानकारों का कहना है कि पहली तिमाही में आईटी कंपनियों की रेवेन्यू में अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। लेकिन वेतन लागत में बढ़ोतरी और हाई एट्रिशन रेट के कारण मार्जिन पर दबाव दिख सकता है। एनालिस्ट का यह भी मानना है कि Infosys और HCL Technologies जैसी कंपनियों की तरफ से अमेरिका और यूरोप में मंदी की चिंता के बावजूद इस पूरे साल के गाइडेंस में किसी बदलाव की उम्मीद नहीं है।
