टायर निर्माता कंपनी एमआरएफ लिमिटेड (MRF Ltd) ने आज यानी कि मंगलवार 9 अगस्त को अपने जून तिमाही के नतीजे जारी कर दिये हैं। कंपनी का मुनाफा कच्चे माल की बढ़ी हुई लागत के कारण जून तिमाही में कम हुआ है। लेकिन इसके बावजूद वित्त वर्ष की जून तिमाही में कंपनी की आय में बढ़ोत्तरी देखने को मिली है।
आंकड़ों के लिहाज से देखें तो वित्त वर्ष 23 की जून में समाप्त पहली तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 25.35 प्रतिशत की गिरावट के साथ 123.6 करोड़ रुपये रहा है। कच्चे माल की लागत बढ़ने के कारण कंपनी के मुनाफे में गिरावट देखने को मिली है।
कंपनी को एक साल पहले की अवधि में यानी कि जून 21 की तिमाही में 165.58 करोड़ रुपये का कंसोलिडेटेड मुनाफा हुआ था। कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड ने निजी प्लेसमेंट के आधार पर नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर जारी करके 100 करोड़ रुपये जुटाने को मंजूरी दी है।
एमआरएफ लिमिटेड ने एक रेग्युलेटरी फाइलिंग में कहा कि सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2023 की जून तिमाही में कंपनी की ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड आय 5,695.93 करोड़ रुपये रही। जबकि वित्त वर्ष 2022 की जून तिमाही में कंपनी की ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड आय 4,183.96 करोड़ रुपये रही थी।
कंपनी ने ये भी कहा कि सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2023 की जून तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 5,566.63 करोड़ रुपये रहा। जबकि वित्त वर्ष 2022 की जून तिमाही में कंपनी का कुल खर्च 4,054.24 करोड़ रुपये रहा था।
वहीं सालाना आधार पर वित्त वर्ष 2023 की जून तिमाही में कंपनी द्वारा उपयोग किये गये माल की लागत बढ़कर 4,114.06 करोड़ रुपये रही। जबकि वित्त वर्ष 2022 की जून तिमाही में कंपनी द्वारा उपयोग किये गये माल की लागत 3,251.56 करोड़ रुपये रही थी।
MRF ने कहा कि श्रीलंका में आर्थिक संकट के कारण मुद्रा अवमूल्यन हुआ है। इसके परिणामस्वरूप इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी एमआरएफ लंका (पी) लिमिटेड (MRF Lanka (P) Ltd) को कंसोलिडेटेड घाटा हुआ है। ये घाटा जून में समाप्त तिमाही के लिए कुल 2.60 करोड़ रुपये रहा था।
डिस्क्लेमर: (यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना हेतु दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।)