वर्तमान वित्त वर्ष में बाजार अब तक लगभग फ्लैट रहा है। इस अवधि में निफ्टी में केवल 0.7 फीसदी की बढ़त देखने को मिली है जबकि पिछले साल की इसी अवधि में निफ्टी 24 फीसदी से ज्यादा भागा था। सप्लाई से जुड़ी चिंताओं के कारण कमोडिटी की कीमतों में हुई बढ़त, कंपनियों के मार्जिन पर दबाव, यूक्रेन -रूस संकट, एफआईआई की तरफ से हो रही भारी बिकवाली और इस साल यूएस फेड द्वारा अपनी दरों में 6-7 बार की जा सकनै वाली संभावित बढ़ोतरी कुछ ऐसे कारण हैं जो बाजार पर दबाव बना रहे हैं।
