Triveni Turbine Shares : त्रिवेणी टरबाइन का शेयर शुक्रवार, 21 अक्टूबर को बीएसई पर इंट्राडे में 6 फीसदी से ज्यादा की रैली के साथ 289.95 रुपये के अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया। हालांकि सेशन के अंत में शेयर 5 फीसदी मजबूत होकर 286.05 रुपये पर बंद हुआ। शेयर को हेल्दी आउटलुक के दम पर सपोर्ट मिल रहा है।
इससे पहले शेयर का पिछला हाई 277.90 रुपये था, जो उसने 18 अक्टूबर को छूआ था।
ढाई साल में 1 लाख बना दिए 5.72 लाख
लंबी अवधि में देखें तो त्रिवेणी टरबाइन का शेयर 24 मार्च, 2022 को 50 रुपये के स्तर पर था। इसके एक दिन बाद ही कोविड महामारी के चलते देश में लॉकडाउन लग गया था। भले ही कोरोना की पहली वेव के दौरान शेयर बाजार में बिकवाली की आंधी के बावजूद त्रिवेणी टरबाइन का शेयर मजबूती से डटा रहा। इस प्रकार पिछले लगभग ढाई साल में शेयर 472 फीसदी का दमदार रिटर्न दे चुका है। यानी मार्च, 2020 में किसी ने इस शेयर में एक लाख रुपये लगाए होते तो रकम बढ़कर 5.72 लाख रुपये हो गई होती।
किस बिजनेस से जुड़ी है कंपनी
Triveni Turbine बिजली उत्पादन और कंबाइंड हीट एंड पावर जेनरेशन (CHP) जेनरेशन एप्लीकेशंस के लिए नए, मजबूत, भरोसेमंद, सस्ते और कुशल टरबाइन सॉल्युशंस उपलब्ध कराती है। साथ ही इंडस्ट्रियल सेगमेंट्स और इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर्स (आईपीपी) द्वारा चलाए जाने वाले पावर प्लांट्स से जुड़े ग्लोबल कस्टमर्स को सेवाएं देती है।
9,250 करोड़ रुपये मार्केट कैप वाली Triveni Turbine वैश्विक स्तर पर 5 मेगावाट से कम से लेकर 30 मेगावाट तक की रेंज की इंडस्ट्रियल स्टीम टरबाइन बनाने वाली अग्रणी कंपनी है। अब कंपनी स्वतंत्र रूप से 30.1-100 मेगावाट के सेगमेंट में उतरने जा रही है। टीटीएल की घरेलू बाजार में 50 फीसदी से ज्यादा हिस्सेदारी है।
ब्रोकरेज हाउस आनंद राठी ने 30 सितंबर के एक नोट में कहा था, मजबूत ऑर्डर बुक, अच्छा मार्केट शेयर और कैपासिटी में बढ़ोतरी के दम पर कंपनी नई ग्रोथ हासिल करने जा रही है।
आनंद राठी के मुताबिक, मैनेजमेंट अलगे कुछ साल तक लगभग 35 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ की योजना पर काम कर रहा है और उसका ऊंचे मार्जिन वाले एक्सपोर्ट बिजनेस और कमोडिटी की कीमतों में नरमी के चलते 20 फीसदी से ज्यादा प्रॉफिट बिफोर टैक्स हासिल करने का लक्ष्य है।
वहीं, 21 सितंबर को कंपनी के प्रमोटर्स में से एक त्रिवेणी इंजीयरिंग एंड इंडस्ट्रीज ने 1,609 करोड़ रुपये में त्रिवेणी टरबाइन में अपनी पूरी 21.85 फीसदी हिस्सेदारी बेच दी थी।
शेयरों की यह बिक्री जीआईसी, आबू धाबी इनवेस्टमेंट अथॉरिटी जैसे दिग्गज इनवेस्टर्स के अलावा Nomura, Plutus जैसे विदेशी संस्थानों और SBI Mutual Fund (MF), Aditya Birla MF, Sundaram MF, Invesco MF जैसे म्यूचुअल फंड्स को की गई है।
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