Rakesh Jhunjhunwala Portfolio stock : दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला के निवेश वाली स्टार हेल्थ एंड अलायड इंश्योरेंस कंपनी (Star Health and Allied Insurance Company) के स्टॉक ने 10 दिसंबर को लगभग 6 फीसदी डिस्काउंट पर लिस्टिंग के साथ इन्वेस्टर्स को निराश किया है। इनीशियल पब्लिक ऑफरिंग (IPO) में प्रति शेयर 900 रुपये मूल्य पर बेचे गए कंपनी के शेयर बीएसई पर 848.80 रुपये पर लिस्ट हुए, जिससे 5.69 फीसदी की गिरावट जाहिर होती है। इस इश्यू में 2,000 करोड़ रुपये के नए इश्यू और एक ऑफर फॉर सेल शामिल है। इसगा प्राइस बैंड 870-900 रुपये प्रति शेयर था।
भारत में शुरुआती दौर में है हैल्थ इन्श्योरेंस सेक्टर
भले ही आईपीओ का स्टॉक मार्केट में आगाज निराशाजनक रहा, लेकिन बिग बुल यानी राकेश झुनझुनवाला बीमा कंपनी के शेयर को लेकर खासे आशावादी हैं। झुनझुनवाला ने कहा, “भारत में हेल्थ इंश्योरेंस की बात करें तो भारत में स्वास्थ्य खर्च होने वाली कुल धनराशि में इसकी हिस्सेदारी लगभग 15 फीसदी या उससे भी कम है, जबकि 80 फीसदी से ज्यादा भुगतान बीमा कंपनियों द्वारा किया जाता है। इसलिए भारत में यह अभी शुरुआती दौर में है।”
इश्यू में मैंने नहीं बेचा एक भी शेयर: झुनझुनवाला
उन्होंने कहा, “भारत के रिटेल हेल्थ इंश्योरेंस में 31 फीसदी मार्केट शेयर के साथ स्टार हेल्थ की अच्छी पैठ है। मुझे लगता है कि इंडस्ट्री में किसी की इस तरह की पैठ कम ही देखने को मिलती है, जो लगातार बढ़ रही है। इसलिए, मैं इसको लेकर आशावादी रहूंगा। यही वजह है कि मैंने इस इश्यू में एक भी शेयर नहीं बेचा है।”
झुनझुनवाला का मानना है कि इंश्योरेंस कंपनी के प्रमोटर को एक बड़ी भूमिका निभानी है। उन्होंने कहा, “एक इंश्योरेंस कंपनी के प्रमोटर के रूप में, मैं इसमें पर्याप्त पूंजी बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध हूं। इसलिए, एक इंश्योरेंस कंपनी का प्रमोटर होने के नाते, एक सामान्य प्रमोटर से खासी ज्यादा हो जाती है।”
वैल्युएशन पर नहीं पड़ेगा कोविड का असर
वैल्युएशन पर कोविड-19 महामारी के प्रभाव पर बोलते हुए, झुनझुनवाला ने कहा, “कोविड-19 जीवन में एक बार होने वाली घटना है और मुझे नहीं लगता कि यह फिर से होने जा रहा है। मुझे नहीं लगता कि कोविड से संबंधित अनिश्चितताओं या बाजार के उतार-चढ़ाव का असर स्टार हेल्थ की वैल्युएशन पर पड़ेगा, लेकिन निश्चित रूप से निकट भविष्य के फैक्टर निवेशकों के वैल्युएशन के कांसेप्ट को प्रभावित करेंगे।”
देश की अग्रणी हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी का स्वामित्व वेस्टब्रिज कैपिटल और राकेश झुनझुनवाला जैसे इन्वेस्टर्स के एक कंसोर्टियम के पास है। आईपीओ के आखिरी दिन उसे 79 फीसदी सब्सक्रिप्शन मिला, जो 2 दिसंबर को बंद हुआ था, जिसे इन्वेस्टर्स की ओर से कमजोर समर्थन मिला था।