रिलायंस के ऑयल एंड गैस बिजनेस से 2022 में चमकेगा मुनाफा, रिफाइनिंग मार्जिन बढ़ने से कंपनी को होगा फायदा

BofA Securities का कहना है कि 2022 -23 में कंपनी के टेलीकॉम कारोबार के सब्सक्राइबर बेस में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नही है। हाल में टैरिफ में हुई बढ़ोतरी का असर आगे चलकर कंपनी के ARUP पर देखने को मिलेगा

अपडेटेड Apr 07, 2022 पर 4:09 PM
Jefferies का भी कहना है कि महंगाई के बढ़ते दबाव के कारण रिटेल बिजनेस की रिकवरी धीमी पड़ती नजर आ सकती है.

Reliance Industries outlook: जानकारों का अनुमान है कि मार्च तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटेड ऑपरेटिंग और नेट प्रॉफिट में तिमाही दर तिमाही आधार पर सिंगल डिजीट ग्रोथ देखने को मिल सकती है लेकिन एनालिस्ट का यह भी मानना है कि आगे चलकर कंपनी के अर्निंग अपग्रेड में एनर्जी कारोबार अहम भूमिका निभाएगा। जानकारों का यह भी मानना है कि हो सकता है कि यूक्रेन पर रूस के आक्रमण के बाद पिछले 6 हफ्तों में ग्लोबल एनर्जी मार्केट में आए बदलाव का कंपनी को पूरा फायदा ना मिले लेकिन आने वाली तिमाहियों में कंपनी के ऑयल और केमिकल बिजनेस पर इसका असर देखने को मिलेगा।

गौरतलब है कि रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने के बाद अमेरिका और तमाम पश्चिमी देशों ने रूस पर तमाम तरह के प्रतिबंध लगा दिए हैं जिसके चलते पिछले 6 हफ्तों के दौरान ग्लोबल एनर्जी मार्केट में तेजी के साथ भारी बदलाव हुए हैं। पूरी दुनिया में सप्लाई सं जुड़ी दिक्कतों के चलते कच्चे तेल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है। कच्चे तेल की मांग मजबूत रही है लेकिन इसकी सप्लाई घटी है।

यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद की बदली स्थितियों में पूरी दुनिया में डीजल फ्यूल और जेट फ्यूल के मार्जिन में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जानकारों का मानना है कि यह रिलायंस इंडस्ट्रीज के लिए फायदेमंद रहेगा। क्योंकि इसकी रिफाइनरियां इन दो फ्यूल पर काफी काम करती हैं।


दिसंबर तिमाही में मॉर्गन स्टेनली ने कहा था कि RIL कि रिफाइनिंग मार्जिन 9.5 डॉलर प्रति बैरल है इसके मार्च तिमाही में 10.5 डॉलर प्रति बैरल पर आने की संभावना है। मॉर्गन स्टेनली ने 6 अप्रैल को जारी अपने एक नोट में कहा है कि हमारा अभी भी मानना है कि एनर्जी मार्केट में आगे मजबूती बनी रहेगी और कंपनी के EPS में 10 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी देखने को मिलेगी

ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए द्वारा हाल में जारी एक नोट के मुताबिक सिंगापुर ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन महीने दर महीने आधार पर मार्च में 2.4 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 9.7 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है। सीएलएसए ने अपनी इस रिपोर्ट में आगे कहा कि फ्यूचर मार्केट की स्थिति से यह संकेत मिलता है कि गैसोलिन, डीजल और जेट फ्यूल के हायर स्प्रेड के चलते अगले 12 महीनों में एशियन ग्रॉस रिफाइनिंग मार्जिन डबल डिजिट में आ सकती है औऱ यह 12 से 13 डॉलर प्रति बैरल का स्तर छू सकती है।

जानकारों का कहना है कि रिफाइनिंग मार्जिन में इस तरह की तेजी RILके ऑयल टू केमिकल कारोबार के लिए शुभ संकेत है। बता दें कि कंपनी की आय में उसके ऑयल टू केमिकल कारोबार का योगदान 60 फीसदी से ज्यादा है। कंपनी का यह सेगमेंट उसके कंसोलिडेटड ऑपरेटिंग प्रॉफिट में बड़ा हिस्सा रखता है ।

कैसी रहेगी डिजिटल और रिटेल कारोबार की चाल

जानकारों का कहना है कि आगे कंपनी के डिजिटल और रिटेल कारोबार में स्थिरता देखने को मिल सकती है। हालांकि चौथी तिमाही में कंपनी के कंज्यूमर रिटेल कारोबार पर बढ़ती महंगाई का असर देखने को मिल सकता है। जानकारों का यह भी कहना है कि कंपनी के ऑफलाइन और ऑनलाइन दोनों तरह के रिटेल कारोबार को मार्च तिमाही में इकोनॉमी के खुलने का फायदा मिल सकता है।

इसके अलावा इस अवधि में नए स्टोरों के खुलने का असर भी रिटेल कारोबार प्रभावित हो सकता है। लेकिन इसके बावजूद एनालिस्ट का मानना है कि चौथी तिमाही में कंपनी के रिटेल कारोबार का ऑपरेटिंग परफॉर्मेंस सुस्त रह सकता है।

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BofA Securities का कहना है कि मजबूत रेवेन्यू के बावजूद हमें उम्मीद है कि कंपनी के रिटेल कारोबार का एबिटडा मार्जिन, महंगाई के दबाव और बढ़ती प्रतिस्पर्धा के कारण 6.6 फीसदी पर सपाट रहेगा। Jefferies का भी कहना है कि महंगाई के बढ़ते दबाव के कारण रिटेल बिजनेस की रिकवरी धीमी पड़ती नजर आ सकती है।

कंपनी के डिजिल और टेलिकॉम कारोबार पर नजर डालें तो इसने हाल ही में अपने निष्क्रीय यूजरों और नेटवर्क के हाई कॉस्ट को घटाने के लिए कदम उठाए हैं। इसका असर आगे देखने को मिल सकता है।

BofA Securities का कहना है कि 2022 -23 में कंपनी के टेलीकॉम कारोबार के सब्सक्राइबर बेस में किसी बड़ी गिरावट की संभावना नही है। हाल में टैरिफ में हुई बढ़ोतरी का असर आगे चलकर कंपनी के ARUP पर देखने को मिलेगा।

समग्र रुप से देखें तो BofA Securities का मानना है कि चौथी तिमाही में कंपनी के कंसोलिडेटड आय में तिमाही आधार पर 14.2 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है और यह 2.1 लाख करोड़ रुपये पर रह सकता है। वहीं इसी अवधि में कंपनी का नेट प्रॉफिट 5 फीसदी की बढ़त के साथ 19,500 करोड़ रुपये पर पहुंच सकता है।

(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)

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