Kotak Mahindra Trustee Company : कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी ने गुरुवार को कोटक महिंद्रा ट्रस्टी कंपनी और कोटक एएमसी (Kotak AMC) के मैनेजिंग डायरेक्टर नीलेश शाह (Nilesh Shah) सहित सात एंटिटीज पर कुल 1.6 करोड़ रुपये की पेनाल्टी लगाई है। यह कार्रवाई एस्सेल ग्रुप की कंपनियों (Essel Group companies) में निवेश करते समय म्यूचुअल फंड्स (mutual funds) के नियमों के उल्लंघन पर की गई है।
इन फंड मैनेजर्स पर हुआ एक्शन
कार्रवाई का सामना करने वालों में अन्य लोगों में कोटक एएमसी के फंड मैनेजर्स- लक्ष्मी अय्यर, दीपक अग्रवाल, अभिषेक बिसेन के अलावा कंप्लायंस ऑफिसर जॉय भट्ट और गौरांग शाह शामिल हैं। गौरांग शाह इनवेस्टमेंट कमेटी के सदस्यों में शामिल थे, जिसने कुछ फिक्स्ड मैच्योरिटी प्लान (एफएमपी) स्कीम्स से संबंधित निवेश फैसलों को मंजूरी दी थी।
45 दिन में जमा करनी होगी पेनाल्टी
उन्हें 45 दिन के भीतर पेनाल्टी जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। यह छह एफएमपी स्कीम्स से जुड़ा मामला है, जो अप्रैल और मई 2019 में मैच्योर हुई थीं, जिसका एडिसन यूटिलिटी वर्क्स प्राइवेट लिमिटेड और कोंटी इन्फ्रापावर एंड मल्टीवेंचर प्रा. लि. द्वारा जारी एस्सेल ग्रुप से संबंधित डेट सिक्योरिटीज में निवेश था।
कैसे सिक्योर थीं डेट सिक्योरिटीज
ये डेट सिक्योरिटीज उसकी प्रमोटर Cyquator Media Services द्वारा गिरवी रखे गए ज़ी एंटरटेनमेंट एंटरप्राइजेस लि. के इक्विटी शेयरों से सुरक्षित थी।
इसके अलावा, कोटक महिंद्रा एसेट मैनेजमेंट कंपनी (AMC) ने एस्सेल ग्रुप की विभिन्न एंटिटीज की सिक्योरिटीज की मैच्योरिटी को 30 सितंबर, 2019 तक बढ़ाने के लिए एस्सेल ग्रुप के प्रमोटर्स और अन्य प्रमोटर एंटिटीज के साथ एक समझौता किया था।
इनवेस्टर्स को नहीं हो सका पूरा भुगतान
इसके चलते स्कीम्स की नेट एसेट वैल्यू के आधार पर मैच्योरिटी के समय सभी छह स्कीम्स के इनवेस्टर्स को पूरा भुगतान नहीं किया गया। सेबी ने पाया कि कोटक एएमसी की ट्रस्टी होने के नाते कोटक महिंद्रा ट्रस्टी कंपनी स्कीम से जुड़ी विशेषकर एस्सेल ग्रुप की कंपनियों से संबंधित विपरीत हालात की जानकारी का सही से और समयबद्ध तरीके से खुलासा करने में नाकाम रही। हालांकि, उसे जनवरी, 2019 से इसकी जानकारी थी।