आज के कारोबार में Tata Steel Long Products के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली है। 30 जून 2022 को समाप्त पहली तिमाही में कंपनी को 331.09 करोड़ रुपये का घाटा हुआ है। लागत में हुई बढ़ोतरी के कारण कंपनी को इस घाटे का सामना करना पड़ा है। गौरतलब है कि वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में कंपनी को 331.60 करोड़ रुपये का फायदा हुआ था।
30 जून 2022 को समाप्त वित्त वर्ष 2022 की पहली तिमाही में कंपनी की कुल आय 24.78 फीसदी बढ़कर 2,154.78 करोड़ रुपये रही है। जो कि वित्त वर्ष 2021-22 की पहली तिमाही में 1,726.82 करोड़ रुपये पर रही थी।
वित्त वर्ष 2022-23 की पहली तिमाही में कंपनी का खर्च सालाना आधार पर दोगुना बढ़त के साथ 2,489.58 करोड़ रुपये पर आ गया है जो कि इसके पिछले वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 1,282.59 करोड़ रुपये पर रहा था।
10.50 बजे के आसपास एनएसई पर Tata Steel Long Products का शेयर 23.65 रुपये यानी 4.10 फीसदी की गिरावट के साथ 580.35 के स्तर पर नजर आ रहा है। स्टॉक का दिन का लो 570.00 रुपये पर है जबकि दिन का हाई 589.10 रुपये पर है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,173.00 रुपये है जबकि 52 वीक लो 534.00 रुपये पर है। वर्तमान में स्टॉक का वॉल्यूम 134,066 शेयरों का है। कंपनी का मार्केट कैप 2,616 करोड़ रुपये है।
Tata Steel Long Products, टाटा स्टील की एक सब्सिडियरी है जो भारत की सबस बड़ी इंटिग्रेडेड स्पेशल स्टील और स्पॉज आयरन बनाने वाली कंपनी है। टाटा स्टील ने हाल में भी Tata Steel Long के जरिए उड़ीसा स्थित स्टील मील Neelachal Ispat Nigam (NINL) का अधिग्रहण पूरा किया है। इस अधिग्रहण पर 12,000 करोड़ रुपये की लागत आई है। इस अधिग्रहण के चलते Tata Steel Long Products की उत्पादन क्षमता में प्रति वर्ष 10 लाख टन की बढ़ोतरी होगी।