शेयर बाजार की लिस्टेड कंपनियों के बारे ऐसी जानकारी छनकर सामने आती है जिसका उनके स्टॉक्स पर अनुकूल या प्रतिकूल असर देखने को मिलता है। इसी को ध्यान में रखकर हम रोजाना निवेशकों के लिए Stocks to Watch Today के रूप में ऐसे शेयरों या कंपनियों की जानकारी उपलब्ध कराते हैं जो किन्हीं कारणों से आज बाजार के दौरान सुर्खियों या फोकस में रहेंगी।
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी ने जून 2022 में 1.44 लाख गाड़ियों के उत्पादन की घोषणा की, जबकि पिछले साल इसी महीने में 1.65 लाख गाड़ियों का उत्पादन किया गया था। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट्स की कमी का जून में गाड़ियों के उत्पादन पर मामूली असर पड़ा।
ऑटोमोटिव कंपनी ने जून 2022 में 54,096 गाड़यां बेची, पिछले साल इसी महीने में बेची गई 32,964 गाड़ियों की तुलना में इस बार 64 प्रतिशत की वृद्धि हुई। जबकि जून महीने में 2,777 गाड़ियों का निर्यात हुआ जिसमें सालाना आधार पर 7 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
खनिज उत्पादक ने जून 2022 में 25.7 लाख टन आयरन ओर के उत्पादन की घोषणा की। जून 2021 में 29.8 लाख टन आयरन का उत्पादन किया गया था। वही बिक्री जून 2022 में घटकर 19 लाख टन हो गई, जो पिछले साल इसी महीने में 31.8 लाख टन थी।
कंपनी और उसकी सहायक कंपनी ने सफलतापूर्वक JS Auto Cast Foundry India का अधिग्रहण पूरा किया। लेन-देन का की कीमत 489.63 करोड़ रुपये है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने कंपनी को 150 नई शाखाएं खोलने की अनुमति दी है। वर्तमान में पूरे भारत में इसकी 5,443 से अधिक शाखाएं हैं।
यूएसएफडीए ने 27 जून से 1 जुलाई, 2022 के बीच भारत के औरंगाबाद में स्थित कंपनी की फॉर्मूलेशन मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के निरीक्षण के बाद एक ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी किया है।
कंपनी ने जून 2022 में 3,08,501 गाड़ियों की बिक्री के साथ 22 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की। जबकि जून 2021 में कंपनी ने 2,51,886 गाड़ियों की बिक्री की थी।
निवेशक Fabmohur Advisors LLP ने 29-30 जून को खुले बाजार लेनदेन के जरिये डिफेंस कंपनी में 1.13 लाख शेयर या 0.37 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची। इससे कंपनी में इसकी शेयरधारिता पहले के 0.79 प्रतिशत से घटकर 0.42 प्रतिशत रह गई।
अशोका बिल्डकॉन के नेतृत्व में ज्वाइंट वेंचर कंपनी ने राजीव गांधी फिनटेक डिजिटल इंस्टिट्यूट, जोधपुर के निर्माण और रखरखाव के लिए 'सबसे कम बोली लगाने वाले' बोलीकर्ता की स्थान पाया। इस प्रोजेक्ट की लागत 611 करोड़ रुपये है और निर्माण 18 महीने में पूरा किया जाना है।
सुधीर चौधरी ने कंपनी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (Chief Executive Officer (CEO) के पद से इस्तीफा दे दिया है। इसके बाद कंपनी ने सुधीर चौधरी के स्थान पर मुख्य प्रबंधकीय अधिकारी के रूप में चीफ बिजनेस ऑफिसर अभय ओझा के नामांकन की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
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