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बाजार में मोनोपोली वाले ये स्म़ॉलकैप स्टॉक भर सकते हैं आपकी झोली, बनाए रखें इन पर नजर

इस तरह के कई उदाहरण है कि मोनोपॉली एंज्वाय करने वाली कंपनियां उस समय लड़खड़ा गई जब उनके सामने एकाएक कोई बड़ा कॉम्पिटीटर आ गया.

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 27, 2022 पर 1:12 PM
बाजार में मोनोपोली वाले ये स्म़ॉलकैप स्टॉक भर सकते हैं आपकी झोली, बनाए रखें इन पर नजर
Triton Valves घरेलू ऑटोमौटिक ट्यूब वॉल्व और कोर सेगमेंट की लीडर है। इसकी बाजार हिस्सेदारी 75 फीसदी है।

मोनोपोली वाले कारोबार में निवेश करना एक बेहतर निवेश रणनीति मानी जाती है। बाजार में किसी बड़े कॉम्पिटीटर के अभाव में इस तरह के स्टॉक पर कोई बड़ा खतरा नहीं होता। इसलिए माना जाता है कम कॉम्पिटिशन ज्यादा मुनाफा। हालांकि यह भी सही है कि इस तरह की कंपनियों को खोजना बड़ी मुश्किल होता है क्योंकि उच्च मुनाफे में आर्कषित होकर अक्सर नए खिलाड़ी बाजार में उतरते रहते हैं। बाजार में इस तरह की बहुत कम कंपनियां है जिनकी पूरी तरह से मोनोपोली है लेकिन ऐसी कंपनियां मिल जाती हैं जो मोनोपोली (एकाधिकार ) के बहुत करीब होती है। इसकी वजह उनके ब्रांड पहचान और किसी खास जियोग्राफी में उनका प्रभुत्व होता है। यहां हम आपके लिए ऐसे 4 स्मॉलकैप कंपनियां लेकर आए हैं जो अपने सेगमेंट में मजबूत एकाधिकार (मोनोपोली ) रखती हैं और यह अपनी कैटेगरी की लीडरशिप पोजिशन में है। आइए डालते हैं इन पर एक नजर ।

1-NOCIL

नोसिल इस सूची की पहली कंपनी है जो भारत की सबसे बड़ी रबर केमिकल बनाने वाली कंपनी है। भारतीय बाजार में इसकी 40 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी दुनिया की कुछ ऐसी कंपनियों में से है जिसके प्रोडक्ट पोर्टफोलियो में 22 रबर केमिकल हैं। दुनियाभर के 40 से ज्यादा रबर बनाने वाली कंपनियों के साथ कंपनी के कारोबारी संबंध है और यह संबंध करीब 40 साल से कायम है। कंपनी की ग्राहक लिस्ट में Apollo, MRF, JK, Fiat, Ceat, Michelin, Bridgestone, Yokohama rubber, Sumitomo Rubber, Continental जैसी कंपनियां शामिल हैं।

जानकारों का कहना है कि आगे कंपनी को ग्लोबल प्लेयर्स के चाइना प्लस वनका भी फायदा मिलेगा। निवेशको को इस स्टॉक पर नजर बनाए रखनी चाहिए।

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