Uma Exports के IPO की 17% प्रीमियम पर दमदार लिस्टिंग, अब क्या करें निवेशक?

सभी ब्रोकरेज हाउस ने महंगे वैल्युएशन, ऊंचे कर्ज और कम मार्जिन को देखते हुए इस इश्यू को ‘एवॉयड’ करने यानी बचने की सलाह दी थी। इसके बावजूद अच्छी लिस्टिंग देखने को मिली है

अपडेटेड Apr 07, 2022 पर 11:59 AM
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अच्छी लिस्टिंग के साथ ही उमा एक्सपोर्ट्स की मार्केट कैप बढ़कर 276.56 करोड़ रुपये हो गई

Uma Exports IPO Listing : एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स और कमोडिटीज की ट्रेडर कंपनी उमा एक्सपोर्ट्स का शेयर IPO प्राइस के अपर एंड से 17.65 फीसदी ऊपर 80 रुपये पर लिस्ट हुआ। इसका अपर बैंड 68 रुपये प्रति शेयर था। इसके साथ ही उमा एक्सपोर्ट्स की मार्केट कैप बढ़कर 276.56 करोड़ रुपये हो गई।

बीएसई (BSE) पर कंपनी के 3.77 करोड़ रुपये के कुल 4.69 लाख शेयरों में सौदे हुए। एनएसई (NSE) पर, IPO इश्यू प्राइस की तुलना में स्टॉक 11.76 फीसदी बढ़कर 76 रुपये पर लिस्ट हुआ। एनएसई पर 7.79 करोड़ रुपये के 9.73 लाख शेयरों में सौदे हुए।

Uma Exports ने जुटाए 60 करोड़ रुपये


Uma Exports पब्लिक इश्यू (public issue) के जरिये 60 करोड़ रुपये जुटाने में सफल रही है। उसका IPO 28 से 30 मार्च, 2022 के दौरान 7.67 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इश्यू को इनवेस्टर्स की तरफ से अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी। खुदरा पोर्शन 10.1 गुना सब्सक्राइब हुआ, जबकि क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) और नॉन इंस्टीट्यूशन बायर्स की तरफ से निर्धारित कोटे की तुलना में क्रमशः 2.81 और 2.22 गुनी बोलियां हासिल हुई थीं।

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कंपनी इश्यू से मिली धनराशि को अपनी वर्किंग कैपिटल की जरूरतों में इस्तेमाल करेगी। ऑफर का प्राइस बैंड 65-68 रुपये प्रति इक्विटी शेयर था।

इस कारोबार से जुड़ी है कंपनी

उमा एक्सपोर्ट्स (Uma Exports) लाल मिर्च, हल्दी, जीरा और धनिया जैसे मसाले, चावल, गेहूं, कॉर्न, ज्वार और चाय जैसे अनाज, दाल, शुगर, चाय और सोयाबीन मील और राइस ब्रैन डी-ऑयल्ड केक जैसे पशुचारे के ट्रेडिंग और मार्केटिंग का काम करती है। कंपनी कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और म्यांमार से मुख्य रूप से दाल, फेबा बीन्स, काली उड़द की दाल और अरहर की दाल का आयात करती है। वहीं श्रीलंका, संयुक्त अरब अमीरात और अफगानिस्तान को चीनी और बांग्लादेश को मक्का निर्यात करती है।

क्या कहते हैं ब्रोकरेज

सभी ब्रोकरेज हाउस ने महंगे वैल्युएशन, ऊंचे कर्ज और कम मार्जिन को देखते हुए इस इश्यू को ‘एवॉयड’ करने यानी बचने की सलाह दी थी।

मारवाड़ी फाइनेंशियल सर्विसेज ने इश्यू के लिए ‘एवॉयड’ रेटिंग देते हुए कहा था कि कंपनी बेहद कम मार्जिन के साथ ही खासे कॉम्पिटीशन वाले बाजार में कारोबार करती है और इनवेस्टर्स के लिए ज्यादा वैल्यू की पेशकश नहीं करती है। ब्रोकरेज ने कहा, “पोस्ट-इश्यू बेसिस पर वित्त वर्ष 21 में 3.63 रुपये के एडजस्टेड ईपीएस (EPS) को देखते हुए, कंपनी 229 करोड़ रुपये के मार्केट कैप के साथ 18.71 गुने के पीई पर लिस्ट होने जा रही है। वहीं उसकी प्रतिस्पर्धी सकुमा एक्सपोर्ट्स (Sakuma Exports) का शेयर 16.20 गुने के पीई पर ट्रेड हो रहा है।”

हेम सिक्योरिटीज ने एक नोट में कहा कि कंपनी के खातों में खासा कर्ज है। हालांकि, कंपनी के मार्जिन और शेयरहोल्डर्स के फंड पर रिटर्न जैसे अन्य रेश्यो प्रतिस्पर्धी कंपनियों की तुलना में बेहतर हैं, लेकिन बिजनेस प्रोफाइल और कर्ज की स्थिति को देखते हुए हम इस इश्यू को ‘एवॉयड’ करने की सलाह देते हैं।

 

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