Yes Bank का बोर्ड आज 29 जुलाई को शेयरों की बिक्री से कर्ज जुटाने के प्रस्ताव पर विचार कर रहा है। इसके अलावा बोर्ड Yes Bank में प्राइवेट इक्विटी फर्मों से मिले निवेश के प्रस्तावों पर भी विचार कर सकता है। CNBC-TV18 ने सूत्रों के हवाले से मिली जानकारी के आधार पर यह खबर दी है।
ये भी खबर है कि Carlyle और Advent भी Yes Bank में 10% की हिस्सेदारी ले सकते हैं। अपने फंड प्रपोजल के तहत Yes Bank के बोर्ड में अपना एक नॉमिनी भी रखना चाहते हैं। हालांकि सभी संबंधित पक्षों ने इस प्रस्ताव को लेकर आई खबर पर कोई टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है।
हालांकि बाजार को Yes Bank में किसी बड़े निवेश प्रस्ताव को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। इसी उम्मीद के चलते Yes Bank का शेयर पिछले 1 महीने में 20 फीसदी भागा है। इस अवधि में इस स्टॉक ने बैंक निफ्टी और सेंसेक्स की तुलना में बेहतर प्रदर्शन किया है।
इसी हफ्ते Yes Bank के MD और CEO प्रशांत कुमार ने मनीकंट्रोल को बताया था कि वर्तमान वित्त वर्ष के दौरान यस बैंक निश्चित तौर पर बाजार से 1 बिलियन डॉलर का फंड जुटाएगा। उन्होंने यह भी कहा था कि पूंजी जुटाने की टाइमिंग से बैंक के लोन ग्रोथ टारगेट पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
बता दें कि 30 जून 2022 को खत्म हुई तिमाही में यस बैंक के नेट प्रॉफिट में सालाना आधार 50 फीसदी की ग्रोथ देखने को मिली है और यह 311 करोड़ रुपये पर रही है। बैंक ने शेयर होल्डरों की मंजूरी के बाद नए बोर्ड का गठन किया है। यह नया बोर्ड 15 जुलाई से अपना कार्यभार संभाल रहा है। बैंक के नए बोर्ड ने बैंक के एमडी और सीईओ प्रशांत कुमार के कार्यकाल को 3 साल बढ़ाने के प्रस्ताव को पारित कर दिया है। यह प्रस्ताव आरबीआई के मंजूरी के अधीन है।
कंपनी के बोर्ड ने वर्तमान में 6 इंडिपेंडेंट डायरेक्टर, 2 नॉन इंडिपेंडेंट डायरेक्टर और एक एमडी और सीईओ है। इसके अलावा यस बैंक के बोर्ड ने आरबीआई के पूर्व डिप्टी गर्वनर आर गांधी को बैंक के बोर्ड में एडिशनल इंडिपेंडेंट डायरेक्टर के तौर पर नियुक्त करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दे दी है।
मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
(डिस्क्लेमर: नेटवर्क 18 मीडिया एंड इनवेस्टमेंट लिमिटेड पर इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट का मालिकाना हक है। इसकी बेनफिशियरी कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।)