Zomato share price: Zomato के शेयरों ने आज अपने निवेशकों को खूब मालामाल कर दिया। पिछले एक हफ्ते की जबरदस्त गिरावट के बाद आज की तेजी भी शानदार रही है। कंपनी के शेयरों में अपर सर्किट लगा और कारोबार के अंत में Zomato के शेयर 19.98% की तेजी के साथ 55.55 रुपए पर बंद हुआ है। कल कंपनी ने वित्त वर्ष 2022-23 के पहली तिमाही के नतीजे जारी किए है। कंपनी का लॉस कम हुआ है जिसकी वजह से शेयरों पर निवेशकों का भरोसा बढ़ा है।
खबर है कि 3 जुलाई को कंपनी के शेयरों में बल्क डील होने वाली है। कंपनी का एक निवेशक Uber Tech जोमैटो में अपनी 7.8% की हिस्सेदारी बेचने वाली है।
30 जून 2022 को खत्म हुई इस तिमाही में कंपनी का प्रदर्शन सुधरता नजर आया है। इस अवधि में कंपनी का घाटा करीब 50% कम होकर 186 करोड़ रुपये पर आ गया है। जो कि पिछले साल की इसी तिमाही में 359 करोड़ रुपये पर रहा था।
30 जून 2022 को समाप्त तिमाही में कंपनी की आय सालाना आधार पर 67.44 फीसदी की बढ़ोतरी के साथ 1,413.9 करोड़ रुपये पर रही। गौरतलब है कि कंपनी का नाम भी बदलने की तैयारी चल रही है और इसका नाम Zomato से बदलकर ETERNAL किया जाएगा।
आइए देखते है नतीजों के बाद अब क्या है इस स्टॉक पर ब्रोकरेजेज हाउस की राय
इस ब्रोकरेज हाउस ने इस स्टॉक पर buy रेटिंग बनाए रखते हुए इसके लिए 100 रुपये का लक्ष्य दिया है। ब्रोकरेज हाउस का कहना है कि पहली तिमाही में कंपनी की GMV/revenue उम्मीद के मुताबिक रही है जबकि मुनाफे में सुधार हुआ है। कंपनी के फूड डिलीवरी सेगमेंट के घाटे में कमी आ रही है। इसके साथ ही अधिग्रहित कंपनी Blinkit में तेज गति से ग्रोथ देखने को मिल रही है।
मॉर्गन स्टेनली ने इस स्टॉक पर अपनी overweight रेटिंग बनाए रखते हुए इसके लिए 80 रुपये का टारगेट दिया है। मॉर्गन स्टेनली को कंपनी के पहली तिमाही के नतीजे पसंद आए है। इस अवधि में कंपनी MTUs में अच्छी बढ़त देखने को मिली है। मॉर्गन स्टेनली का मानना है कि आगे कंपनी AOV में सुधार देखने को मिलेगा।
कंपनी के फूड डिलीवरी सेगमेंट का कारोबार ब्रेक-इवन (ना घाटा , ना मुनाफा) के स्तर पर पहुंच गया है। आगे आने वाली तिमाहियों में कंपनी की रीरेटिंग देखने को मिल सकती है।
UBS ने भी इस स्टॉक की buy रेटिंग बनाए रखते हुए इसके लिए 95 रुपये का टारगेट दिया है। UBS का कहना है कि पहली तिमाही में कंपनी के नतीजे अच्छे रहे है और फूड डिलीवरी कारोबार का एबिटडा ब्रेक-इवन (ना घाटा , ना मुनाफा) के लेवल पर पहुंच गया है। यूबीएस का मानना है कि आगे भी कंपनी के कारोबार में ग्रोथ दिखेगी और तिमाही आधार पर इसका घाटा कम होता नजर आएगा।
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