HUL Share Price: सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन यानी शुक्रवार को शेयर बाजार में हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL) के शेयरों में तगड़ी गिरावट देखने को मिली है। कंपनी के शेयरों में इंट्रा डे में 6% की गिरावट आई। दोपहर 12.05 पर HUL के शेयर 2.47 फीसदी यानी 65.45 रुपये गिरकर 2584 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
HUL के शेयरों पर क्या है ब्रोकरेज की राय
CLSA: इस ब्रोकरेज हाउस ने मजबूत टॉप-लाइन और वॉल्यूम ग्रोथ के बीच 2,950 रुपये प्रति शेयर के लक्ष्य के साथ स्टॉक पर 'आउटपरफॉर्म' रेटिंग रखी है। कुछ सुधार के बावजूद प्रमुख कच्चे माल की कीमतों में बढ़ोतरी से मार्जिन प्रभावित हुआ है। हाई रॉयल्टी रेट के लिए यूनीलिवर के साथ एक नया एग्रीमेंट किया गया था। हालांकि सेबी के अनुसार इसके लिए छोटे शेयरधारकों की मंजूरी तभी जरूरी है जब रॉयल्टी 2 फीसदी से ज्यादा हो।
CITI: इस ब्रोकिंग फर्म ने 3,050 रुपये प्रति शेयर के लक्ष्य के साथ स्टॉक पर इसकी 'बाई' रेटिंग रखी है। हाई रॉयल्टी की वजह से रिकवरी धीमी हुई है। वहीं इसकी रेवेन्यू ग्रोथ भी अंडरलाइंग वॉल्यूम ग्रोथ से प्रभावित हुई है। HUL मैनेजमेंट का मानना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में मंदी की संभावना कम है और रॉयल्टी में इजाफे के बावजूद लॉन्ग टर्म CAGR गाइडेंस बना हुआ है।
Jefferies: रिसर्च हाउस ने शेयर पर 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी और लक्ष्य 3,100 रुपये प्रति शेयर रखा है। HUL ने कहा हा कि रॉयल्टी में इजाफे के लिए जरूरी रेगुलेटरी अप्रूवल्स लिए जाएंगे। वहीं मैनेजमेंट ने कंपनी को हो रहे लाभ के आधार पर रॉयल्टी को सही ठहराया है।
Sharekhan: शेयरखान ने 2,900 रुपये के कम मूल्य लक्ष्य के साथ खरीदने की सलाह दी है। पैरेंट कंपनी के मजबूत सपोर्ट की वजह से 10 सालों के अंदर HUL का रेवेन्यू दोगुना और इसका एबिट्डा मार्जिन 1000 बीपीएस तक बढ़ सकता है। कंपनी ने आने वाले सालों में लगातार दहाई अंकों की आय में बढ़ोतरी के अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए अपनी पैरेंट कंपनी को दिए जाने वाली रॉयल्टी में 80 बीपीएस की बढ़ोतरी का फैसला किया है।
HUL ने पेरेंट कंपनी को ज्यादा रॉयल्टी देने का किया था फैसला
HINDUSTAN UNILEVER के बोर्ड ने 19 फरवरी को अपनी पेरेंट कंपनी यूनीलिवर पीएलसी (UNILEVER PLC) को दी जाने वाली रॉयल्टी और दूसरी फीस में 80 बेसिस अंक यानि 0.80% का इजाफा करने का फैसला किया था। ब्रोकरेज फर्म जेफरीज ने अपनी एक रिपोर्ट में इस फैसले को लेकर कहा था कि इसका शेयरधारकों पर गलत असर पड़ सकता है। पेरेंट कंपनी को ज्यादा रॉयल्टी देने से कंपनी की बैलेंस शीट पर दबाव पड़ सकता है जिससे निवेशक परेशान हो सकते हैं। गुरुवार को भी HUL के शेयर 1.61 फीसदी की गिरावट के साथ 2643.05 रुपये पर बंद हुए थे।