IDBI Bank ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 39 प्रतिशत घटकर 2205.45 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 3627.36 करोड़ रुपये था। कुल इनकम लगभग 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 9865.12 करोड़ रुपये हो गई। सितंबर 2025 तिमाही में यह 9593.64 करोड़ रुपये थी।
बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 28.7 प्रतिशत बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 3,285 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट घटकर 2892.51 करोड़ रुपये रह गया, जो सितंबर 2025 तिमाही में 3,522.78 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़कर 4.11 प्रतिशत हो गया, जो एक एक साल पहले 3.71 प्रतिशत था।
सितंबर 2026 तिमाही में IDBI Bank का ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो 2.12 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2 65 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.17 प्रतिशत पर आ गया। सितंबर 2025 तिमाही में यह 0.21 प्रतिशत था। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.83 प्रतिशत रह गया, जो सितंबर 2025 तिमाही में 3.55 प्रतिशत था।
बैंक ने तिमाही के दौरान कुल 6,27,216 करोड़ रुपये का बिजनेस किया। यह एक साल पहले से 18 प्रतिशत ज्यादा है। कुल डिपॉजिट सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 3,55,684 करोड़ रुपये के रहे। नेट एडवांसेज 18 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 2,71,533 करोड़ रुपये पर पहुंच गए।
फेयरफैक्स फाइनेंशियल खरीद रही 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी
IDBI Bank में कनाडा की फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। सौदा करीब 53,000 करोड़ रुपये का होगा। आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने हाल ही में फेयरफैक्स की सब्सिडियरी कनाडा इंक को रणनीतिक खरीदार के रूप में मंजूरी दी है। डील के तहत IDBI Bank में सरकार 30.48 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 26,620 करोड़ रुपये में और भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी करीब 26,440 करोड़ रुपये में बेचेंगे। सौदा चालू वित्त वर्ष 2026-27 में पूरा होने की संभावना है। इसके पूरा होने के बाद केंद्र सरकार IDBI Bank के बोर्ड से बाहर हो जाएगी।
फेयरफैक्स प्रति शेयर 81 रुपये का भुगतान करेगी। यह रकम दो स्वतंत्र मूल्यांकन एजेंसियों द्वारा तय की गई 75.99 रुपये की फेयर वैल्यू से अधिक है। लेन-देन के लिए अभी भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मंजूरी की ज़रूरत है, जो "फिट एंड प्रॉपर" (उपयुक्तता) का आकलन करेगा। इसके अलावा, भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) और अन्य वैधानिक प्राधिकरणों की मंजूरी भी जरूरी होगी।
वर्तमान में IDBI Bank में पब्लिक शेयरहोल्डिंग केवल 5.29 प्रतिशत है। सरकारी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है और इसका बैंक पर नियंत्रण है। वहीं, भारत सरकार की हिस्सेदारी 45.48 प्रतिशत है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।