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IDBI Bank का शेयर 8% भागा, सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री पर नए अपडेट से बढ़ी खरीद

IDBI Bank Share Price: वर्तमान में केंद्र सरकार के पास IDBI Bank में 45.48 प्रतिशत और LIC के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। मार्केट कैप 1 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है। बैंक में सरकारी हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री को सरकार के प्राइवेटाइजेशन प्रोग्राम के लिए एक टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Aug 21, 2025 पर 5:14 PM
IDBI Bank का शेयर 8% भागा, सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री पर नए अपडेट से बढ़ी खरीद
क्वालिफाइड इंट्रेस्टेड पार्टीज ने IDBI Bank के विनिवेश के लिए लगभग पूरी जांच-पड़ताल कर ली है।

IDBI Bank में सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री को लेकर एक अपडेट सामने आया है। इसके बाद बैंक के शेयरों में 21 अगस्त को 8 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी आई। BSE पर शेयर 97.61 रुपये पर बंद हुआ और दिन में कीमत पिछले बंद भाव से 10 प्रतिशत तक चढ़कर 99.08 रुपये के हाई तक गई। दरअसल डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (दीपम) के सचिव अरुणीश चावला ने कहा है कि क्वालिफाइड इंट्रेस्टेड पार्टीज ने बैंक के विनिवेश के लिए लगभग पूरी जांच-पड़ताल कर ली है।

चावला ने कहा है कि IDBI Bank से जुड़ी सभी डिटेल इंट्रेस्टेड पार्टीज के साथ शेयर कर दी गई हैं और जांच-पड़ताल की प्रक्रिया सितंबर तक पूरी होने की उम्मीद है। IDBI Bank में सरकार और LIC की कुल मिलाकर 94.71 प्रतिशत से अधिक हिस्सेदारी है। बैंक में हिस्सेदारी की रणनीतिक बिक्री को सरकार के प्राइवेटाइजेशन प्रोग्राम के लिए एक टेस्ट के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने IDBI Bank में अपनी हिस्सेदारी बिक्री की प्रक्रिया को अक्टूबर 2025 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है।IDBI बैंक में रणनीतिक विनिवेश की प्रकिया लंबे से समय से अटकी हुई है।

सरकार और LIC कितनी हिस्सेदारी बेचेंगे

वर्तमान में केंद्र सरकार के पास IDBI Bank में 45.48 प्रतिशत और LIC के पास 49.24 प्रतिशत हिस्सेदारी है। खरीदार, बैंक में मेजॉरिटी स्टेक खरीदेगा। सरकार की ओर से 30.48 प्रतिशत और LIC की ओर से 30.24 प्रतिशत हिस्सेदारी बेची जाएगी। कुल मिलाकर बैंक की इक्विटी शेयर कैपिटल का 60.72 प्रतिशत हिस्सा कम हो जाएगा। साथ ही बैंक के मैनेजमेंट का कंट्रोल भी खरीदार के पास चला जाएगा। सरकार ने पब्लिक सेक्टर के चुनिंदा बैंकों और LIC समेत सरकारी मालिकाना हक वाली बीमा कंपनियों में भी ऑफर फॉर सेल (OFS) के माध्यम से हिस्सेदारी कम करने की तैयारी शुरू कर दी है।

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