IDBI Bank धड़ाम, इस कारण विनिवेश योजना हुई रद्द तो 17% टूट गए शेयर

IDBI Bank Shares: मार्केट में आज की उठा-पटक के बीच आईडीबीआई बैंक के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि इसके शेयर 17% से अधिक टूट गए। इसकी वजह ये है कि सरकार ने विनिवेश की योजना रद्द कर दी है। जानिए सरकार की विनिवेश योजना क्या थी और यह रद्द क्यों हुई

अपडेटेड Mar 16, 2026 पर 3:52 PM
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अभी सरकार की IDBI Bank में 45.48% हिस्सेदारी है जबकि LIC की 49.24%।

IDBI Bank Shares: घरेलू स्टॉक मार्केट में आज इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स (Sensex) और निफ्टी 50 (Nifty 50) में शुरुआती कारोबार में तेज उठा-पटक दिखी। शुरुआती कारोबार में यह रेड से ग्रीन जोन में झूलने लगा। वहीं दूसरी तरफ आईडीबीआई बैंक के शेयरों में अलग ही दबाव दिखा और यह 17% से अधिक टूट गया। आईडीबीआई बैंक के शेयरहोल्डर्स इस कारण शेयरों की धड़ाधड़ बिक्री करने लगे क्योंकि सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक सरकार ने बैंक में रणनीतिक विनिवेश की योजना रद्द कर दी। इसका झटका शेयरों को जोरदार लगा। दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद शेयर संभल नहीं पाए। आज बीएसई पर यह 16.49% की गिरावट के साथ ₹77.00 पर बंद हुआ है। इंट्रा-डे में यह 17.30% टूटकर ₹76.25 तक आ गया था।

IDBI Bank के विनिवेश की योजना क्यों हुई रद्द?

सीएनबीसी-टीवी18 को सूत्रों के हवाले से जो जानकारी मिली है, उसके मुताबिक विनिवेश को लेकर सरकार ने जो भाव फिक्स किया था, उससे नीचे के भाव पर बोली मिली थी, जिसके चलते सरकार ने रणनीतिक निवेश की योजना को रद्द कर दिया। विनिवेश के नियमों के तहत रिजर्व प्राइस से कम भाव पर बोली स्वीकार नहीं की जा सकती है। इसने बैंक के निजीकरण का रास्ता रोक दिया। सूत्रों के मुताबिक आईडीबीआई बैंक के हिस्सेदारी की बिक्री के लिए जो रिजर्व प्राइस फिक्स किया था, उसे बोली लगाने वाले काफी अधिक माना और यह बैंक के PE (प्राइस-टू-बुक) वैल्यूएशन के हिसाब से नहीं था। इसके अलावा फ्री फ्लोट के कम होने से भी शेयरों की चाल पर असर पड़ा जिससे विनिवेश के लिए इस्तेमाल होने वाले वैल्यूएशन बेंचमार्क को लेकर उलझन की स्थिति बनी।


आईडीबीआई बैंक के विनिवेश को लेकर शॉर्टलिस्टेड बिडर्स में माना जा रहा है कि फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी ने 6 फरवरी को वित्तीय बोली दाखिल की थी। कोटक महिंद्रा बैंक भी शॉर्टलिस्ट हुआ था लेकिन इसने पहले संकेत दिया था कि यह वित्तीय बोली प्रक्रिया में हिस्सा नहीं लेगा। अभी सरकार की आईडीबीआई बैंक में 45.48% हिस्सेदारी है जबकि एलआईसी की 49.24%। विनिवेश योजना के तहत इसकी 60.7% हिस्सेदारी बिकने वाली थी जिसमें से सरकार की 30.48% और एलआईसी की 30.24% हिस्सेदारी बेचने की योजना थी। विनिवेश के बाद बैंक में सरकार की होल्डिंग 15% और एलआईसी की 19% रह जाती। इसके विनिवेश की प्रक्रिया 7 जनवरी 2023 से चल रही है, जब दीपम (डिपार्टमेंट ऑफ इंवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट) को संभावित बिडर्स से कई ईओआई (एक्सप्रेशंस ऑफ इंटेरेस्ट) मिले।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

आईडीबीआई बैंक के शेयरों ने कम समय में ही निवेशकों की ताबड़तोड़ स्पीड से कमाई कराई है। पिछले साल 17 मार्च 2025 को यह ₹72.04 पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से 10 ही महीने में यह 64.42% उछलकर 5 जनवरी 2026 को ₹118.45 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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