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क्या प्राइवेट बैंकों में सुरक्षित है सरकार का पैसा? IDFC फर्स्ट बैंक मामले ने बढ़ाई टेंशन, उठ रहे कई सवाल

IDFC फर्स्ट बैंक इन दिनों मुश्किलों में हैं। बैंक ने पिछले वीकेंड खुलासा किया कि उसकी चंडीगढ़ की एक खास ब्रांच में 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड सामने आया है। यह फ्रॉड हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में पाया गया। इस खुलासे के बाद हरियाणा सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बैंक को अपने पैनल से हटा दिया। इसके बाद बैंक से करीब 200 करोड़ रुपये की निकासी हुई

Edited By: Vikrant singhअपडेटेड Feb 27, 2026 पर 10:52 AM
क्या प्राइवेट बैंकों में सुरक्षित है सरकार का पैसा? IDFC फर्स्ट बैंक मामले ने बढ़ाई टेंशन, उठ रहे कई सवाल
हरियाणा सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए IDFC फर्स्ट बैंक को अपने पैनल से हटा दिया है

IDFC फर्स्ट बैंक इन दिनों मुश्किलों में हैं। बैंक ने पिछले वीकेंड खुलासा किया कि उसकी चंडीगढ़ की एक खास ब्रांच में 590 करोड़ रुपये का फ्रॉड सामने आया है। यह फ्रॉड हरियाणा सरकार से जुड़े खातों में पाया गया। इस खुलासे के बाद हरियाणा सरकार ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बैंक को अपने पैनल से हटा दिया। इसके बाद बैंक से करीब 200 करोड़ रुपये की निकासी हुई।

इसी तरह AU स्मॉल फाइनेंस बैंक को भी झटका लगा। हरियाणा सरकार ने उसके साथ भी अपना खाता बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। हालांकि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने साफ किया है कि इस घटना से बैंकिंग सिस्टम को कोई व्यापक खतरा नहीं है। सिस्टम पूरी तरह सुरक्षित और स्थिर है। लेकिन इन घटनाओं के पीछे एक और परेशान करने वाली बात है - सरकारी डिपार्टमेंट और प्राइवेट बैंकों के बीच खराब रिश्ता।

सरकारी खातों में प्राइवेट बैंकों की भूमिका पर बहस

यह घटनाएं इस बात की ओर भी इशारा करती हैं कि सरकारी कारोबार संभालने में निजी बैंकों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है। IDFC फर्स्ट बैंक ऐसा पहला बैंक नहीं है जो फ्रॉड का शिकार हुआ हो। इससे पहले HDFC बैंक, ICICI बैंक और Axis बैंक जैसे बड़े प्राइवेट बैंक भी ऐसे मामलों का सामना कर चुके हैं।

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