IEX Share Price: इंडियन एनर्जी एक्सचेंज (IEX) के शेयरों में शुक्रवार 9 जनवरी को भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिली। शुरुआती तेजी के बाद कंपनी के शेयर दिन के हाई से 13 फीसदी तक गिर गए। यह गिरावट इस खबर के बाद आई कि इलेक्ट्रिसिटी अपीलेट ट्रिब्यूनल (APTEL) ने मार्केट कपलिंग नियमों से जुड़ी सुनवाई को 19 जनवरी तक के लिए टाल दिया है। दोपहर 1.45 बजे के करीब, IEX के शेयर 6.35% की गिरावट के साथ 140.56 रुपये पर कारोबार कर रहे थे।
APTEL सुनवाई के दौरान ने IEX को निर्देश दिया कि वह मार्केट कपलिंग नियमों में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर 19 जनवरी तक अपना हलफनामा दाखिल करे। इसके साथ ही ट्रिब्यूनल ने इस मामले में सेंट्रल इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन (CERC) से जुड़े पहलुओं पर भी सवाल उठाए।
सुनवाई के दौरान CERC के वकील ने ट्रिब्यूनल को बताया कि मार्केट कपलिंग केवल रेगुलेशन के जरिए ही लागू की जाएगी। उन्होंने कपलिंग ऑर्डर को वापस लेने से जुड़े सवालों पर जवाब देने के लिए और समय भी मांगा। इसी बीच, 9 जनवरी को ही CERC ने एक सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया कि जुलाई 2025 में जारी किया गया मार्केट कपलिंग ऑर्डर बरकरार रहेगा और उसे “निर्देश” के रूप में पढ़ा जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुनवाई के दौरान APTEL की बेंच ने कहा कि वह यह सुनिश्चित करना चाहती है कि CERC ने इस पूरे मामले में निष्पक्ष और स्वतंत्र तरीके से काम किया है। ट्रिब्यूनल ने यह भी टिप्पणी की कि वह यह देखना चाहता है कि रेगुलेटरी प्रक्रिया में किसी तरह की अनियमितता तो नहीं हुई।
इससे पहले 6 जनवरी को आई टिप्पणियों में APTEL ने मार्केट कपलिंग नियमों को लेकर “थिएट्रिक्स” शब्द का इस्तेमाल करते हुए कड़ी नाराजगी जताई थी और कहा था कि इस तरह के रेगुलेशन चुपचाप और पारदर्शी तरीके से बनाए जा सकते थे।
मार्केट कपलिंग एक ऐसा आर्थिक मॉडल है, जिसके तहत बिजली की खरीद-बिक्री के लिए अलग-अलग पावर एक्सचेंजों पर अलग-अलग दाम तय होने के बजाय एक ही यूनिफाइड कीमत लागू की जाती है। इससे देश में बिजली के दामों में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने का दावा किया जाता है। हालांकि, इस व्यवस्था से IEX जैसी प्रमुख एक्सचेंज की मजबूत बाजार हिस्सेदारी पर असर पड़ने की आशंका है।
जुलाई 2025 में CERC ने पावर मार्केट रेगुलेशंस, 2021 के तहत मार्केट कपलिंग लागू करने के निर्देश जारी किए थे। इस आदेश के बाद IEX के शेयरों में अगले ही दिन करीब 30 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखी गई थी। मौजूदा व्यवस्था में बिजली का कारोबार मुख्य रूप से डे-अहेड मार्केट (DAM) और रियल-टाइम मार्केट (RTM) के जरिए होता है, जहां अलग-अलग एक्सचेंजों पर अलग-अलग कीमतें तय होती हैं।
IEX फिलहाल भारतीय बिजली बाजार में सबसे बड़ा खिलाड़ी है, जिसकी कुल बाजार हिस्सेदारी करीब 85 प्रतिशत बताई जाती है। डे-अहेड और रियल-टाइम जैसे अहम सेगमेंट में उसकी लगभग एकाधिकार जैसी स्थिति रही है। लेकिन मार्केट कपलिंग लागू होने की स्थिति में सभी एक्सचेंजों की बोलियां एक नोडल एजेंसी के पास जाएंगी, जो एक ही क्लियरिंग प्राइस तय करेगी। इससे IEX के डोमिनेंट प्लेटफॉर्म होने का फायदा कम हो सकता है।
यही वजह है कि APTEL की टिप्पणी और सुनवाई टलने की खबर से निवेशकों में अनिश्चितता बढ़ी और IEX के शेयरों पर दबाव देखने को मिला। अब बाजार की नजर 19 जनवरी की अगली सुनवाई पर टिकी है।
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