Get App

अगर आज भी दिन के शिखर पर बंद हुए तो बहुत बड़ा पॉजिटिव होगा, अनुज सिंघल से जानें इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति

कल निफ्टी ने सीरीज के पहले दिन के निचले स्तर को बचाया। पिछले 2 दिन का निचला स्तर 24,535 और 24,554 रहा है। अगर सीरीज के पहले दिन का शिखर निकला तो बड़ा पॉजिटिव होगा। सीरीज के पहले दिन का उच्च स्तर 24,784 था । कल मिडकैप में शानदार वापसी देखने को मिली।

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 05, 2025 पर 9:06 AM
अगर आज भी दिन के शिखर पर बंद हुए तो बहुत बड़ा पॉजिटिव होगा, अनुज सिंघल से जानें इंडेक्स पर क्या होनी चाहिए रणनीति
भारत और अमेरिका के रिश्ते अब एक नए निचले स्तर पर हैं, लेकिन रिश्ते निभाने के लिए दो पक्षों की जरूरत है।

अनुज सिंघल, मैनेजिंग एडिटर, सीएनबीसी आवाज

भारत के विदेश मंत्रालय ने डॉनल्ड ट्रंप को मुंहतोड़ जवाब दिया। भारत को आप डरा धमका नहीं सकते । पहले अपने गिरेबान में झांकिए, फिर बात करिए। कच्चे तेल के लिए लड़ाइयों का US का इतिहास रहा है। भारत अपने हित के लिए रूस से तेल खरीदता है। ट्रंप ये फैसला नहीं करेंगे कि हम कहां से तेल खरीदें। डॉनल्ड ट्रंप को समझना होगा कि उनके चाहने से दुनिया नहीं चलेगी। ट्रंप से पहले भी दुनिया थी, उनके बाद भी रहेगी। वैसे भी अगस्त के महीने में भारत कहां झुका है। भारत एक मजबूत और सशक्त देश है और अब ये साफ है कि ये डॉनल्ड ट्रंप की खीज है। भारत से अच्छी डील नहीं कर पाने की खीज दिख रही है। थोड़ा बाजार निराश होगा लेकिन ये भी सह लेंगे। इस समय भारत की संप्रभुता सबसे ऊपर है।

नया भारत झुकेगा नहीं

भारत और अमेरिका के रिश्ते अब एक नए निचले स्तर पर हैं, लेकिन रिश्ते निभाने के लिए दो पक्षों की जरूरत है। कोई भी रिश्ता तभी चलेगा जब दोनों भागीदार हों। अमेरिका को भारत की उतनी ही जरूरत है जितनी हमें उनकी। अब समय आ गया है हमें थोड़ा और आत्मनिर्भर होना होगा। हमें भी अब AI, रोबोटिक्स जैसे क्षेत्रों में काम बढ़ाना होगा। इस समय अमेरिका का सबसे बड़ा प्लस प्वाइंट है उनकी टेक कंपनियां। इसमें कोई शक नहीं है कि US के पास दुनिया के सबसे अच्छे कारोबारी हैं। अब समय आ गया है कि हम भी उस दिशा में काम करें। केवल बयानबाजी से काम नहीं चलेगा, एक्शन भी लेना होगा। अब एक बात के लिए तैयार हो जाइए, ये मामला यहां नहीं रुकेगा। डॉनाल्ड ट्रंप अब शायद और उल-जुलूल बयान देंगे। बाजार भी शायद अब उन पर प्रतिक्रिया देना बंद करेगा, लेकिन हमारी दिक्कत ट्रंप नहीं, हमारी दिक्कत नतीजे हैं। अगर नतीजों में सुधार हुआ तो बाजार फिर चलेगा।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें