शेयर बाजार में जब दुनिया डरे तो खरीदो लेकिन दुनिया खरीदे तो आप डरो- रामदेव अग्रवाल

सही निवेश करने का फॉर्मूला ये है कि निवेशक को पता होना जरूरी है कि कंपनी क्या करना चाहती है। निवेशकों को शेयर की कीमत और वैल्यू दोनों जानना जरूरी होता है। अगर शेयर का वैल्यू पता है तो निवेश में पैसा बनेगा। वैल्यू के तीन पहलू 1-ब्रेकअप वैल्यू, 2-फ्रेंचाइज वैल्यू और 3-ग्रोथ वैल्यू होते हैं

अपडेटेड Oct 20, 2023 पर 3:15 PM
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रामदेव अग्रवाल ने कहा कि शेयर होल्डिंग से पैसा बनाने के लिए उसमें 20-25 साल तक शेयर को पोर्टफोलियो में रखना ज्यादा बेहतर होता है
     
     
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    शेयर बाजार में कहां बनेगा पैसा? ग्रेट, गुड और वेरी बैड का फंडा क्या है ? क्या है पावर ऑफ गिविंग का मंत्र? वैल्यू इन्वेस्टिंग में किन बातों का रखें ख्याल? इन सब सवालों पर सीएनबीसी-आवाज़ के मैनेजिंग एडिटर अनुज सिंघल ने बाजार के सबसे बडे़ गुरू में एक माने जाने वाले रामदेव अग्रवाल पोडकास्ट में विस्तार से चर्चा की। मोतीलाल ओसवाल ग्रुप के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल ने कहा कि शेयर बाजार में बहुत जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में बर्बादी होने की चांसेज होते हैं। चीजों (उसूलों) से समझौता करने पर भी बर्बादी ही होती है। बाजार कुछ गलतियां ही माफ करता है। बाजार में रिटर्न का टारगेट सेट करके निवेश करना चाहिए। भारतीय बाजार में कंपाउंडिंग से अच्छे पैसे बनेंगे।

    1- वॉरेन बफेट से क्या सीखा?

    रामदेव अग्रवाल ने कहा कि उनसे मैंने सीखा कि बड़े मुकाम हासिल करना कोई रॉकेट साइंस नहीं है। निवेश में कुछ फंडामेंटल चीजें याद रखना चाहिए। पावर ऑफ कंपाउंडिंग के नियम का ख्याल रखना चाहिए। हमेशा ध्यान रखें, अपना पैसा नहीं खोना है। निवेश में लंबी अवधि का नजरिया रखें।

    2- वॉरेन बफेट से कितना प्रभावित हुए हैं?


    उन्होंने कहा कि नियोजित निवेश वॉरेन बफेट से ही सीखा है। वॉरेन बफेट की किताबें भी पढता हूं। उनकी किताबों से बहुत कुछ सीखा है।

    3- क्या है पावर ऑफ कंपाउंडिंग का मैजिक?

    रामदेव ने कहा कि वेल्थ क्रिएशन में पावर ऑफ कंपाउंडिंग बहुत अहम होती है। कंपाउंडिंग में ही लाख से करोड़ों बन सकते हैं। इसके तहत रिटर्न का टारगेट सेट करके निवेश करें। भारतीय बाजार में कंपाउंडिंग से अच्छे पैसे बनेंगे। भारतीय बाजारों का भविष्य बहुत सुनहरा है।

    4- सही निवेश करने क्या है फॉर्मूला?

    इसके जवाब में उन्होंने कहा कि कंपनी क्या करना चाहती है निवेशक को पता होना जरूरी है। शेयर की कीमत और वैल्यू दोनों जानना जरूरी होता है। अगर शेयर का वैल्यू पता है तो निवेश में पैसा बनेगा। ब्रेकअप, फ्रेंचाइज और ग्रोथ वैल्यू समझना चाहिए। वैल्यू के तीन पहलू होते हैं। 1-ब्रेकअप वैल्यू, 2-फ्रेंचाइज वैल्यू और 3-ग्रोथ वैल्यू होते हैं।

    5- ग्रेट, गुड और वेरी बैड बिजनेस का फंडा क्या है

    रामदेव ने कहा कि नेस्ले (Nestle), HUL, एशियन पेंट्स  (Asian Paints) ग्रेट बिजनेस के उदाहरण हैं। बैंक जिनका 17-19% RoE है, उन्हें गुड बिजनेस की कैटेगरी में रखा जाता है। खराब बिजनेस में निवेश से बचें तो सुरक्षित रहेंगे।

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    6- क्वालिटी ऑफ मैनेजमेंट से क्या मतलब है?

    इसके उत्तर में उन्होंने कहा कि बिजनेस ट्रिक्स की जानकारी होनी चाहिए। बिजनेस को लेकर जुनून होना चाहिए। इंटीग्रिटी से समझौता नहीं होना चाहिए

    7- शेयर खरीदने की कीमत का क्या महत्व है?

    शेयर खरीदते समय तार्किक कीमतों पर शेयरों को खरीदना चाहिए। खरीदने में PE रेश्यो देखना बेहद अहम माना जाता है। शेयर की री-रेटिंग को देखना भी अहम होता है।

    8- शेयर होल्डिंग पीरियड कितना होना चाहिए?

    रामदेव अग्रवाल ने कहा कि शेयर होल्डिंग से पैसा बनाने के लिए उसे पर्याप्त समय देना चाहिए। अच्छे शेयर होल्डिंग के लिए 20-25 साल तक शेयर को पोर्टफोलियो में रखना ज्यादा बेहतर होता है। मैं कई शेयरों में लंबे समय से निवेशित हूं।

    9- शेयर बाजार में बर्बादी से बचने के लिए क्या करें?

    मोतीलाल ओसवाल के चेयरमैन ने इसके उत्तर में कहा कि शेयर बाजार में बनने में वक्त लगता है लेकिन बिगड़ने में वक्त नहीं लगता है। बहुत जल्दी पैसा कमाने के चक्कर में अक्सर बर्बादी का सामना करना पड़ता है। निवेश करते समय चीजों (उसूलों) से समझौता करने पर भी बर्बादी होती है। बाजार कुछ गलतियां ही माफ करता है।

    10- ग्रीड एंड फीयर से कैसे बचें?

    इसके लिए निवेशकों को दिमाग से काम करना चाहिए। बाजार में जब दुनिया डरे तो आप खरीदो। लेकिन ये भी ध्यान रहे कि जब दुनिया खरीदे तो आप डरो। मैंने कोरोना के दौरान खूब खरीदा था। इसका मुझे फायदा भी हुआ।

    आप कब-कब ग्रीडी बने रहे जब दुनिया डरी थी? इस उन्होंने कहा कि मैं हमेशा से पूरी तरह से निवेशित रहता हूं। हमेशा मौका मिलने पर खरीदता रहता हूं। पावर ऑफ गिविंग क्या है? इसके जवाब में उन्होंने संक्षेप में कहा कि नॉलेज और वेल्थ को बांटना ही पावर ऑफ गिविंग है। वॉरेन बफेट को और जानना है तो क्या करें? इस पर उन्होंने कहा कि वॉरेन बफेट की बायोग्राफी पढ़नी चाहिए।

    (डिस्क्लेमरः Moneycontrol.com पर दिए जाने वाले विचार और निवेश सलाह निवेश विशेषज्ञों के अपने निजी विचार और राय होते हैं। Moneycontrol यूजर्स को सलाह देता है कि वह कोई निवेश निर्णय लेने के पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट से सलाह लें।)

     

     

     

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