भारत आईपीओ के लिए एशिया का सबसे अट्रैक्टिव बाजार बन गया है। चुनाव खत्म होते ही, बंपर डील की उम्मीद है जो रिकॉर्ड बना सकती है। इंवेस्टर्स इस तेजी से बढ़ती हुई इकॉनमी में इंवेस्टमेंट का अवसर तलाश रहे हैं। ब्लूमबर्ग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल अब तक भारत में आईपीओ के जरिए लगभग 3.9 बिलियन डॉलर जुटाए जा चुके हैं, जो 2023 की समान अवधि से दोगुना से भी ज्यादा है। ये राशि दक्षिण कोरिया और हांगकांग में जुटाई गई राशि से भी ज्यादा है।
