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India-EU ट्रेड डील ने KPR मिल और वेलस्पन लिविंग में भरा जोश, जानिए और किन शेयरों और सेक्टरों को होगा फायदा

India EU-trade deal : यूरोप से कारोबार बढ़ने की उम्मीदों के चलते एक्सपोर्ट पर फोकस्ड शेयरों में उछाल आया है। एनालिस्ट्स का मानना ​​है कि भारत-ई.यू. ट्रेड डील से टेक्सटाइल, फार्मास्यूटिकल्स और केमिकल्स सेक्टर को सबसे ज़्यादा फायदा होगा

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Jan 27, 2026 पर 2:49 PM
India-EU ट्रेड डील ने KPR मिल और वेलस्पन लिविंग में भरा जोश, जानिए और किन शेयरों और सेक्टरों को होगा फायदा
India-EU trade deal : इस डील के चलते अप्रूवल में सरलता आने से भारतीय जेनेरिक फार्मा कंपनियों को E.U. पोर्टफोलियो बढ़ाने, ज़्यादा टेंडर जीतने और US पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी

India-EU trade deal : आज भारत-ई.यू. ट्रेड डील की घोषणा हो गई है। एनालिस्ट्स को उम्मीद है कि इस डील से घरेलू इक्विटी मार्केट में जोश पैदा होगा। डील से जुड़ी उम्मीदों के कारण KPR मिल, वेलस्पन लिविंग और नितिन स्पिनर्स के शेयरों में अच्छी तेज़ी आई है। इनको इस फ्री-ट्रेड डील ( FTA) से फायदा होने की उम्मीद है। अभी, यूरोपीय संघ को भारत का एक्सपोर्ट उसके कुल एक्सपोर्ट का 17 प्रतिशत है। एमके ग्लोबल के अनुसार इस द्विपक्षीय समझौते के चलते भारत से यूरोपियन यूनियन को होने वाला एक्सपोर्ट लगभग 50 अरब डॉलर तक बढ़ा सकता है।

ब्रोकरेज का कहना है कि इस डील के चलते भारत का इंपोर्ट सस्ता हो सकता और देश में ज़्यादा FDI आ सकता है। इससे भारत को टेक्नोलॉजी ट्रांसफर की सहूलियत भी बढ़ेगी। इस डील के चलते रेगुलेटरी दिक्कतें कम होगी। इससे IT सर्विसेज़ एक्सपोर्ट में बढ़त देखने को मिल सकती है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस डील से फार्मा, टेक्सटाइल और केमिकल जैसे एक्सपोर्ट फोकस्ड शेयरों को सबसे ज्यादा फायदा होगा। हालांकि, एमके ग्लोबल का कहना है कि भारत-E.U. डील का बाजार पर अच्छा असर होगा। लेकिन रुपये में स्थिरता और ग्लोबल दबाव कम होने के लिए एक अच्छी U.S-भारत ट्रेड डील ज़रूरी है।

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