Indian Stock Market: अमेरिकी बाजार से सस्ते हो चुके हैं भारतीय बााजार, अभी निवेश नहीं किया तो शायद ही यह मौका फिर मिलेगा

पिछले साल 26 सितंबर को सेंसेक्स और निफ्टी ने ऑल-टाइम हाई बनाए थे। उसके बाद मार्केट में गिरावट शुरू हो गई, जो अब तक जारी है। इस गिरावट की वजह से कई लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं

अपडेटेड Mar 10, 2025 पर 11:23 AM
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सितंबर 2024 में इंडियन मार्केट की वैल्यूएशन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। लेकिन, इसके मुताबिक इंडियन कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ नहीं रही।

अगर आप इंडिया में स्टॉक्स की कीमतें गिरने का इंतजार कर रहे थे तो आपके लिए सही समय आ गया है। इंडियन स्टॉक मार्केट में शेयरों की कीमतें की सस्ती हो गई हैं। दरअसल, इंडियन मार्केट अब अमेरिकी बाजार से भी सस्ता हो चुका है। 2009 के बाद पहली बार ऐसा हुआ है। इस बीच इंडियन मार्केट अमेरिकी मार्केट से हमेशा काफी महंगा था। सितंबर के आखिर से जारी गिरावट की वजह से इंडियन मार्केट में कई दिग्गज स्टॉक्स की कीमतें 30-40 फीसदी तक गिर चुकी हैं। कम भाव पर शेयर खरीदने का मौका दोबारा जल्द नहीं आने वाला है।

बीते 5 महीनों से जारी है गिरावट

पिछले करीब 5 महीनों से जारी गिरावट की वजह से इंडियन मार्केट (Indian Market) अमेरिकी मार्केट (US market) से सस्ता हो गया है। अभी बीते एक साल की अर्निंग्स के आधार पर Sensex में 21.8 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है, जबकि Dow Jones में 22.4 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। मार्च 2023 में सेंसेक्स की वैल्यूएशन 23.8 गुना थी, जबकि डाओ जोंस की वैल्यूएशन 22.8 गुना थी। ऐतिहासिक रूप से इंडियन मार्केट में अमेरिकी मार्केट के मुकाबले प्रीमियम पर ट्रेडिंग होती रही है।


FIIs लगातार इंडियन मार्केट में बिकवाली कर रहे

इंडियन मार्केट में प्रीमियम पर ट्रेडिंग होने की सबसे बड़ी वजह इंडियन मार्केट की ग्रोथ की संभावना रही है। लेकिन, सितंबर 2024 के आखिर में Sensex और Nifty के ऑल टाइम हाई पर पहुंच जाने के बाद इंडियन मार्केट में गिरावट शुरू हो गई। इसकी बड़ी वजह इंडियन मार्केट की ज्यादा वैल्यूशन है। पिछले साल सितंबर के अंत से विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) इंडियन मार्केट में बिकवाली कर रहे हैं। अब तक वे करीब 26 अरब डॉलर की बिकवाली इंडियन मार्केट में कर चुके हैं।

सितंबर में इंडियन मार्केट के प्रमुख सूचकांक ऑल-टाइम हाई पर थे

एक्सपर्ट्स का कहना है कि सितंबर 2024 में इंडियन मार्केट की वैल्यूएशन रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंच गई थी। लेकिन, इसके मुताबिक इंडियन कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ नहीं रही। इस वित्त वर्ष की दिसंबर तिमाही में अर्निंग्स ग्रोथ सिर्फ 6 फीसदी रही। इसके मुकाबले अमेरिकी कंपनियों की अर्निंग्स ग्रोथ 16 फीसदी रही। इस वजह से इंडियन मार्केट में तेज गिरावट देखने को मिली है। गिरावट का यह सिलसिला अभी जारी है।

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कई लार्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स की कीमतें अट्रैक्टिव

27 सितंबर, 2024 के बाद से Sensex 17 फीसदी गिर चुका है, जबकि Nifty 18 फीसदी फिसला है। स्मॉलकैप इंडेंक्स और मिडडैप इंडेक्स में तो और भी ज्यादा गिरावट आई है। दोनों ही सूचकांक 20 फीसदी से ज्यादा गिर चुके हैं। इस गिरावट की वजह से कई लॉर्जकैप, मिडकैप और स्मॉलकैप स्टॉक्स की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई है। अगर आप अपने पसंदीदा शेयरों को इसलिए नहीं खरीद पा रहे थे कि वे महंगे तो तो यह वक्त उन्हें खरीदने का है।

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