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भारत की घरेलू स्थिति काफी अच्छी, FIIs के लौटने पर बैंक शेयर लगाएंगे सबसे तेज दौड़ - मिहिर वोरा

निवेशक कंफ्यूज हैं कि बाजार में क्या करें। ऐसे में बाजार की चाल और आगे की दिशा पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं ट्रस्ट MF के CIO मिहिर वोरा। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि US-ईरान का तनाव अब भी चरम पर है। क्रूड, US बॉन्ड यील्ड अब भी काफी ऊंचे हैं। इसके चलते FIIs की खरीदारी फिर टल गई है

Edited By: Sudhanshu Dubeyअपडेटेड Oct 09, 2026 पर 2:01 PM
भारत की घरेलू स्थिति काफी अच्छी, FIIs के लौटने पर बैंक शेयर लगाएंगे सबसे तेज दौड़ - मिहिर वोरा
Market View : मिहिर वोरा ने कहा कि बड़े बैंकों के वैल्युएशन बहुत सस्ते हो गए है। ये शेयर इस समय आकर्षक भाव पर मिल रहे हैं

आज की बात छोड़ दें तो बाजार में गिरावट का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। इस हफ्ते हमारे बाजार में लगातार 9वें हफ्ते गिरावट जारी है। क्रूड में तेजी, कमजोर रुपया, FII की बिकवाली, कमजोर नतीजों ने बाजार पर भारी दबाव बनाया है। हालांकि, आज शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में तेजी दिख रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान पर जल्द हमले की संभावना को खारिज करने और तेल की कीमतों में कमी आने से बाजार का मूड बेहतर हुआ है। सेंसेक्स और निफ्टी गुरुवार को हुए भारी नुकसान की कुछ भरपाई कर रहे हैं। बता दें कि कल की गिरावट में दलाल स्ट्रीट की 10 लाख करोड़ रुपये से ज़्यादा की संपत्ति स्वाहा हो गई थी।

निवेशक कंफ्यूज हैं कि बाजार में क्या करें। ऐसे में बाजार की चाल और आगे की दिशा पर बात करने के लिए हमारे साथ हैं ट्रस्ट MF के CIO मिहिर वोरा। इस बातचीत में उन्होंने कहा कि US-ईरान का तनाव अब भी चरम पर है। क्रूड, US बॉन्ड यील्ड अब भी काफी ऊंचे हैं। इसके चलते FIIs की खरीदारी फिर टल गई है। एल नीनो का असर भी बाजार पर दिख रहा है।

बाजार पर बात करते हुए उन्होंने आगे कहा कि बाजार को तेल की कीमतों और विकसित बाजारों में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से परेशानी हो रही है। हमें उम्मीद थी कि लंबे समय के अंडर परफार्मेंस के बाद भारत के वैल्यूएशंस बहुत ही अट्रैक्टिव हो गए थे ऐसे में एफआईआई की वापसी होनी चाहिए। लेकिन कच्चे तेल और बॉन्ड यील्ड में बढ़त ने हमारी उम्मीदों पर पानी फेर दिया और इनकी वापसी टल गई। हालांकि घरेलू स्थिति काफी अच्छी है। जून तिमाही के नतीजे अच्छे रहे। काफी अनसर्टेनिटी के बावजूद कॉर्पोरेट्स ने अपनी मार्जिन मेंटेन रखी। डोमेस्टिक डिमांड ठीक चल रही है। लेकिन ऑयल प्राइस और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़त हमारे बाजार पर दबाव बना रहे हैं। ऐसे में बाजार की एक्सपेक्टेड रिकवरी शायद थोड़े महीनों के लिए पोस्टपोन हो गई है।

आगे कैसे रह सकते हैं नतीजे?

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