IndiGo Q2 Results: विमानन कंपनी IndiGo की पेरेंट कंपनी InterGlobe Aviation ने सितंबर तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट लॉस सालाना आधार पर 27.2% घटकर ₹1,879 करोड़ रहा। पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹2,582 करोड़ का घाटा हुआ था। हालांकि, ज्यादा फ्यूल खर्च और रुपये में कमजोरी के कारण कंपनी की कमाई पर दबाव बना रहा।
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन IndiGo का ऑपरेशंस से रेवेन्यू सालाना आधार पर 25.9% बढ़कर ₹23,364 करोड़ हो गया। पिछले साल यह ₹18,555 करोड़ था। टिकटों से ज्यादा कमाई और क्षमता के बेहतर इस्तेमाल से कंपनी को मदद मिली। हालांकि, विदेशी मुद्रा के असर को हटाने पर कंपनी को ₹723.7 करोड़ का घाटा हुआ। पिछले साल इसी तिमाही में उसे ₹103.9 करोड़ का मुनाफा हुआ था।
फ्यूल खर्च में भारी बढ़ोतरी
कंपनी का EBITDAR सालाना आधार पर 120.8% बढ़कर ₹2,459.9 करोड़ रहा। इसका मार्जिन भी 6% से बढ़कर 10.5% हो गया। हालांकि, विदेशी मुद्रा के असर को हटाने पर EBITDAR 4.9% घटकर ₹3,615.3 करोड़ रहा। इसका मार्जिन भी 20.5% से गिरकर 15.5% हो गया।
इस दौरान एविएशन फ्यूल की लागत प्रति उपलब्ध सीट किलोमीटर 68.9% बढ़कर ₹2.44 हो गई। कंपनी का कुल खर्च भी 18.6% बढ़कर ₹26,188 करोड़ पहुंच गया। IndiGo ने मुनाफे पर दबाव की वजह महंगा ईंधन, रुपये में कमजोरी और भू-राजनीतिक अनिश्चितता को बताया।
सितंबर तिमाही में IndiGo ने 2.75 करोड़ यात्रियों को सफर कराया। यह सालाना आधार पर 4.7% कम है। उपलब्ध सीट क्षमता भी 1% घटकर 40.8 अरब सीट किलोमीटर रही। वहीं, पैसेंजर लोड फैक्टर 82.5% से गिरकर 80.3% हो गया।
हालांकि, प्रति यात्री औसत कमाई 34.3% बढ़कर ₹6.30 रही। इससे यात्रियों की संख्या घटने के बावजूद रेवेन्यू बढ़ाने में मदद मिली।
कर्ज बढ़ा, कैश बैलेंस घटा
सितंबर 2026 तक कंपनी का कुल कर्ज 16.7% बढ़कर ₹87,303 करोड़ हो गया। एक साल पहले यह ₹74,814 करोड़ था। इसमें ₹55,159 करोड़ की ऑपरेटिंग लीज देनदारियां शामिल हैं। कंपनी का कुल कैश बैलेंस 1.6% घटकर ₹52,685 करोड़ रहा। हालांकि, फ्री कैश 3.7% बढ़कर ₹39,999 करोड़ हो गया।
IndiGo के CEO विली वॉल्श ने कहा कि सितंबर तिमाही में ईंधन की लागत बहुत ज्यादा रही और भू-राजनीतिक अनिश्चितता भी बनी रही। कंपनी ने क्षमता घटाने और टिकटों की कीमतों को संभालने जैसे कदम उठाए। इससे रेवेन्यू को सहारा मिला, लेकिन बढ़ी हुई लागत की पूरी भरपाई नहीं हो सकी। उन्होंने कहा कि कंपनी का फोकस खर्च पर नियंत्रण, सुरक्षित संचालन और लंबे समय में कारोबार बढ़ाने पर रहेगा।
IndiGo का शेयर गुरुवार को 0.32% गिरकर 4,675 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 19.58% टूटा है।
Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।