एयरलाइन इंडिगो की पेरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों पर ज्यादातर ब्रोकेरेज बुलिश हैं। कंपनी ने पिछले सप्ताह के आखिर में तिमाही नतीजे जारी किए थे। इसके बाद ब्रोकरेज का रुख सामने आया है। स्टॉक पर नजर रखने वाले 26 एनालिस्ट्स में से 80% ने इसके लिए 'बाय' रेटिंग दी है। लगभग 7% ने इसे 'सेल' करने की सलाह दी है। शेयरों में 1 जून को मार्केट खुलते ही 5 प्रतिशत तक की तेजी दिखी। बीएसई पर शेयर 4633.45 रुपये के हाई तक गया।
जनवरी-मार्च 2026 तिमाही में इंडिगो को 2536.3 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा हुआ। एक साल पहले कंपनी 3067.5 करोड़ रुपये के मुनाफे में थी। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर लगभग 1.3 प्रतिशत बढ़कर 22438.4 करोड़ रुपये हो गया। मार्च 2025 तिमाही में यह 22151.9 करोड़ रुपये थी। मार्च में एयरलाइन की घरेलू बाजार हिस्सेदारी 63.3 प्रतिशत रही।
मार्च 2026 तिमाही के दौरान कंपनी के खर्च 25932.5 करोड़ रुपये के रहे। पूरे वित्त वर्ष 2026 के दौरान इंडिगो का ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू 84961.9 करोड़ रुपये और शुद्ध घाटा 2391.9 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।
Indigo के शेयर पर किस ब्रोकरेज की ओर से कितना टारगेट
ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने ₹5,200 के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। ब्रोकरेज ने कहा कि इंडिगो ने ₹2,100 करोड़ का प्री-टैक्स घाटा दर्ज किया, जो उसके अनुमानित ₹3,590 करोड़ के घाटे से बेहतर है। BofA Securities ने अपनी 'बाय' रेटिंग और ₹5,100 के टारगेट प्राइस को दोहराया है। ब्रोकरेज ने कहा कि मार्च तिमाही का प्रदर्शन मोटे तौर पर उम्मीदों के मुताबिक रहा। भविष्य की तस्वीर उम्मीद से बेहतर है। जेफरीज ने 'बाय' रेटिंग बरकरार रखी है। टारगेट प्राइस को घटाकर ₹5,380 कर दिया है। ब्रोकरेज ने मार्च तिमाही को कमजोर लेकिन मोटे तौर पर उम्मीदों के अनुरूप बताया। बढ़ी हुई लागत के कारण निकट भविष्य में कमाई पर दबाव बने रहने का अंदेशा जताया है लेकिन यह भी कहा है कि कंपनी अपने प्रतिस्पर्धियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है।
कोटक इंस्टीट्यूशनल इक्विटीज ने 'बाय' रेटिंग और ₹5,400 के टारगेट प्राइस को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज ने कहा कि इंडिगो का ₹2,300 करोड़ का शुद्ध घाटा उम्मीद से कम रहा। विमानों के उड़ान न भरने (grounding) का असर प्रॉफिटेबिलिटी पर बना रहा। अधिकांश राहत वित्त वर्ष 2028 में मिलने की संभावना है। इनवेस्टेक ने 'सेल' रेटिंग और ₹4,050 का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। अनुमान जताया है कि अप्रैल-सितंबर 2026 अवधि में कमाई पर दबाव बना रहेगा। ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 के लिए कमाई के अनुमानों में क्रमशः 12% और 5% की कटौती की है।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने ₹5,600 के टारगेट प्राइस के साथ 'बाय' रेटिंग दोहराई है। ब्रोकरेज एयरलाइन की लंबी अवधि की ग्रोथ रणनीति को लेकर सकारात्मक बनी हुई है। उम्मीद जताई है कि वित्त वर्ष 2026 और वित्त वर्ष 2028 के बीच रेवेन्यू 13% की CAGR (कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट) से बढ़ेगा। नुवामा इंस्टीट्यूशनल इक्विटी ने IndiGo की रेटिंग को बढ़ाकर 'बाय' कर दिया है और प्रति शेयर ₹5,054 का टारगेट प्राइस तय किया है। ब्रोकरेज ने कहा कि कंपनी निकट अवधि की चुनौतियों से निपटने और लंबी अवधि की ग्रोथ के अवसरों का लाभ उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। वित्त वर्ष 2028 की कमाई के मुकाबले लगभग 16 गुना के स्तर पर शेयर की वैल्यूएशन अभी भी आकर्षक है।
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