IndiGo Shares: प्रमोटर ने बढ़ा दिया ब्लॉक डील का साइज, निवेशक धड़ाधड़ बेचने लगे शेयर

IndiGo Shares: इंडिगो के शेयरों के वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज इतना पॉजिटिव है कि उसने रेटिंग अपग्रेड कर दी और टारगेट प्राइस भी बढ़ा दिया। हालांकि अब आज की बात करें तो कंपनी के प्रमोटर राकेश गंगवाल ने इसके शेयरों को बेचने के लिए ब्लॉक डील का साइज बढ़ा दिया जिसके चलते शेयर टूट गए। जानिए किस भाव पर ब्लॉक डील हो सकती है?

अपडेटेड Aug 29, 2024 पर 4:25 PM
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चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में इंडिगो (IndiGo) की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन का मुनाफा सालाना आधार पर 11.5 फीसदी गिरकर 2736 करोड़ रुपये पर आ गया।

IndiGo Shares: दिग्गज विमानन कंपनी इंडिगो (IndiGo) की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयरों में आज बिकवाली का दबाव दिख रहा है। इसकी वजह ये है कि इंडिगो के को-फाउंडर और प्रमोटर राकेश गंगवाल इसमें हिस्सेदारी बेचने की रिपोर्ट ने इसके शेयरों को लेकर माहौल निगेटिव कर दिया। सीएनबीसी-टीवी18 की रिपोर्ट के मुताबिक राकेश गंगवाल इसके 10300 करोड़ रुपये के शेयर बेच सकते हैं। पहले 6750 करोड़ रुपये के शेयरों की बिक्री का अनुमान था लेकिन अब सूत्र ने इससे अधिक बिक्री की जानकारी दी है यानी ब्लॉक डील का साइज बढ़ गया है। इसके चलते शेयर आज BSE पर 2.06 फीसदी की गिरावट के साथ 4758.95 रुपये पर बंद हुए हैं। इंट्रा-डे में यह 2.97 फीसदी फिसलकर 4714.90 रुपये तक आ गया था।

किस भाव पर इंडिगो के शेयरों की ब्लॉक डील?

राकेश गंगवाल इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन की 5.5 फीसदी हिस्सेदारी करीब 10300 करोड़ रुपये में बेच सकते हैं। इन शेयरों की बिक्री 4593 रुपये के भाव पर हो सकता है जो करीब 5.48 फीसदी डिस्काउंट पर है। जून 2024 के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से राकेश गंगवाल की हिस्सेदारी इसमें 5.89 फीसदी है। उनकी पत्नी शोभा गंगवाल और डेलवेयर के जेपीमॉर्गन ट्रस्ट की 13.49 फीसदी हिस्सेदारी है। राकेश गंगवाल ने फरवरी 2022 में इंटरग्लोब एविएशन के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से इस्तीफा दे दिया था और तब उन्होंने कहा था कि वह पांच साल में धीरे-धीरे अपनी हिस्सेदारी कंपनी में कम करेंगे।


IndiGo पर ब्रोकरेज का क्या है रुझान?

चालू वित्त वर्ष 2024-25 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2024 में इंटरग्लोब एविएशन का मुनाफा सालाना आधार पर 11.5 फीसदी गिरकर 2736 करोड़ रुपये पर आ गया। हालांकि यह भी मार्केट की उम्मीदों से अधिक रहा और इसकी वजह जून तिमाही में घरेलू ट्रैवल में तेज उछाल रही। वैश्विक ब्रोकरेज फर्म जेफरीज का कहना है कि इसके ऑपरेटिंग परफॉरमेंस ने पिछले एक से डेढ़ साल में लगातार चौंकाया है। जेफरीज के मुताबिक इसकी यील्ड हेल्दी बनी हुई है। ऐसे में ब्रोकरेज ने इसकी रेटिंग को अपग्रेड कर खरीदारी कर दी और 5225 रुपये का टारगेट प्राइस फिक्स किया है।

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