इंडसइंड बैंक एक बार फिर से सुर्खियों में है। अफसोस यह कि इस बार भी इसकी वजह निगेटिव खबर है। बैंक पर एक तरफ जहां इनसाइडर ट्रेडिंग के आरोप लग रहे हैं वही दूसरी तरफ कमजोर गवर्नेंस और लीडरशिप को लेकर अनिश्चितता की बातें हो रही हैं। सवाल यह है कि क्या इंडसइंड बैंक की मुश्किल बढ़ने जा रही है? बैंक का शेयर पहले ही 1,550 रुपये के 52 हफ्ते के हाई से करीब 47 फीसदी गिर चुका है। 27 जून को यह करीब 3 फीसदी चढ़कर 860 रुपये पर बंद हुआ।
