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Gajkesari Yog 2026: 7 सितंबर को कर्क राशि में चंद्रमा के प्रवेश करते ही गुरु के साथ बनेगा पावरफुल गजकेसरी योग, 4 राशिवालों के लिए खुलेगा तरक्की का दरवाजा

Gajkesari Yog 2026: ज्योतिष शास्त्र में गजकेसरी योग को अत्यंत प्रभावशाली योग मना जाता है। इस योग का निर्माण चंद्रमा और गुरु की शुभ स्थिति में युति बनने पर होता है। यह योग 7 सितंबर को एक बार फिर बनने जा रहा है। इसके प्रभाव से 4 राशियों के जातकों के लिए तरक्की का दरवाजा खुल सकता है

MoneyControl Newsअपडेटेड Sep 03, 2026 पर 8:00 AM
Gajkesari Yog 2026: 7 सितंबर को कर्क राशि में चंद्रमा के प्रवेश करते ही गुरु के साथ बनेगा पावरफुल गजकेसरी योग, 4 राशिवालों के लिए खुलेगा तरक्की का दरवाजा
7 सितंबर को चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में प्रवेश करेंगे, जिससे गुरु के साथ युति बनेगी।

Gajkesari Yog 2026: वैदिक ज्योतिष में गजकेसरी योग को सबसे शुभ और शक्तिशाली योगों में से एक माना जाता है। जब कुंडली में चंद्रमा और बृहस्पति (गुरु) की युति होती है, तो इस योग का निर्माण होता है। ज्योतिष में ग्रहों के गोचर जितना ग्रहों का योग भी प्रभावी माना जाता है। जब गुरु और चंद्रमा शुभ स्थिति में एक-दूसरे के साथ आते हैं, तब गजकेसरी योग बनाते हैं।

7 सितंबर को चंद्रमा अपनी स्वराशि कर्क में प्रवेश करेंगे, जिससे गुरु के साथ युति बनेगी। कर्क राशि में चंद्रमा-गुरु की युति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, चंद्रमा सभी 9 ग्रहों में सबसे तेज गति से चलने वाले ग्रह हैं जो एक राशि में करीब ढाई दिन रहते हैं। चंद्रमा के तेज गति से गोचर करने से किसी न किसी ग्रह से साथ युति करते हैं, जिससे कई योग बनते हैं। 7 सितंबर को बन रहे गजकेसरी योग से 4 राशियों के जातकों को सबसे ज्यादा लाभ होगा।

गजकेसरी योग की विशेषताएं

'गज' का अर्थ हाथी (सामर्थ्य और अधिकार) और 'केसरी' का अर्थ सिंह (साहस और नेतृत्व) होता है। जिस व्यक्ति की कुंडली में यह योग होता है, उसमें हाथी जैसा बल-धैर्य और सिंह जैसी निडरता व चमक होती है।

गुरु के प्रभाव से व्यक्ति विद्वान, ज्ञानी और सही निर्णय लेने में सक्षम होता है।

समाज, कार्यक्षेत्र और परिवार में ऊंचा पद और आदर मिलता है।

जीवन में कभी भी धन और भौतिक सुख-सुविधाओं की कमी नहीं होती।

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